‘सत्यमेव जयते’ से लेकर सुप्रीम कोर्ट के मोटो

नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के छह महीने बाद मंगलवार को कक्षा नौ की सामाजिक विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तक जारी कर दी है। ‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियांड-पार्ट टू’ नाम की इस पुस्तक में भारत के कई आधुनिक और संवैधानिक संस्थानों के ध्येय वाक्यों (मोटो) के प्राचीन इतिहास को शामिल किया गया है। इसका पहला भाग इसी साल जून में जारी किया गया था।
किताब के ‘शासन और सार्वजनिक नीति’ अध्याय में विस्तार से बताया गया है कि देश के सबसे बड़े संस्थानों के ध्येय वाक्यों का स्रोत मुंडकोपनिषद, महाभारत और अन्य प्राचीन भारतीय ग्रंथों में निहित है।

अंग्रेजों के ‘हेवंस लाइट’ से मुंडकोपनिषद के ‘सत्यमेव जयते’ तक
पाठ्यपुस्तक में ब्रिटिश काल और आजाद भारत के प्रशासनिक मूल्यों के अंतर को स्पष्ट रेखांकित किया गया है। इसमें बताया गया है कि ब्रिटिश काल के ‘आर्डर आफ द स्टार आफ इंडिया’ का ध्येय वाक्य ‘हेवंस लाइट, आवर गाइड’ (स्वर्ग का प्रकाश हमारा मार्गदर्शक है) हुआ करता था।
आजादी के बाद भारत ने इस ब्रिटिश सोच को पीछे छोड़ते हुए मुंडकोपनिषद से ‘सत्यमेव जयते’ (सत्य की ही विजय होती है) को अपने राष्ट्रीय ध्येय वाक्य के रूप में स्वीकार किया। यह बदलाव सार्वजनिक जीवन में भारतीय नैतिक मूल्यों के सतत महत्व को दर्शाता है।
महाभारत से लिया गया सुप्रीम कोर्ट का ध्येय वाक्य
किताब में भारत के सुप्रीम कोर्ट के ध्येय वाक्य ‘यतो धर्मस्ततो जयः’ का भी प्रमुखता से उल्लेख है। यह पंक्ति महाभारत से ली गई है, जिसका सीधा अर्थ है- ‘जहां धर्म (सदाचार और कर्तव्य) है, वहीं विजय है’।
पाठ्यपुस्तक के अनुसार, स्वतंत्रता के बाद से ही भारतीय संस्थानों ने शासन के पारंपरिक विचारों और प्राचीन मूल्यों को अपनाना जारी रखा है। इन मूल्यों को आधुनिक लोकतंत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप ढाला गया है।
केवल प्रतीक नहीं, संस्थानों के मूल आदर्श हैं ये वाक्य
एनसीईआरटी की इस नई किताब में जोर देकर कहा गया है कि ये ध्येय वाक्य केवल प्रतीकात्मक या सतही नहीं हैं। ये हमारे देश के शीर्ष संस्थानों के मूल मूल्यों, प्राथमिकताओं और काम करने के आदर्शों को गहराई से दर्शाते हैं।
कक्षा नौ के छात्र अब इस पाठ्यपुस्तक के जरिए यह समझ सकेंगे कि भारत का आधुनिक लोकतंत्र अपनी प्राचीन सांस्कृतिक और नैतिक जड़ों से किस तरह से जुड़ा हुआ है।


