Gujarat Spurious Liquor: नकली शराब से 4 मौतों के बाद हड़कंप,

भावनगर। गुजरात के भावनगर जिले में नकली शराब पीने से कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई। घोघा तालुका के खरकड़ी गांव में हुई इस घटना में अब तक चार लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। इनमें तीन मौतों की वजह मिलावटी शराब का सेवन होने की पुष्टि हुई है, जबकि नरेंद्र यादव की मौत को फिलहाल संदिग्ध माना जा रहा है। करीब 19 लोग अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। मामले की जांच के लिए पुलिस ने 16 टीमें बनाई हैं और 8 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
शराब पार्टी के बाद बिगड़ी लोगों की हालत
जानकारी के मुताबिक, 16 अगस्त को खरकड़ी गांव के वाडी इलाके में शराब पार्टी हुई थी। इसके बाद कई युवकों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजनों का कहना है कि कुछ लोग करीब 24 घंटे तक बेहोश रहे। हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इसके बाद गांव में एक के बाद एक लोगों के बीमार पड़ने की जानकारी सामने आई। शुरुआती जांच में पार्टी में परोसी गई शराब के मिलावटी होने की आशंका जताई गई।
अब तक 4 मौतें, 19 लोग अस्पताल में
अधिकारियों के मुताबिक, घटना में अब तक चार लोगों की मौत हुई है। तीन मामलों में मिलावटी शराब के सेवन को मौत की वजह माना गया है। वहीं नरेंद्र यादव की मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। मेडिकल जांच और रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ होगी।
फिलहाल करीब 19 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है।
रॉयल स्टैग की बोतलों में भरी गई थी मिलावटी शराब
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मिलावटी शराब को रॉयल स्टैग की बोतलों में भरकर बेचा गया था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि शराब कहां तैयार की गई और भावनगर तक कैसे पहुंची।
प्रारंभिक जांच में इसके उज्जैन से भावनगर पहुंचने की बात सामने आई है। पुलिस अब सप्लाई नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।
8 से ज्यादा संदिग्ध हिरासत में
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इसके लिए 16 टीमें बनाई गई हैं। पुलिस ने गौतम सोलंकी समेत 8 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ कर शराब की खरीद, बिक्री और सप्लाई से जुड़े लोगों का पता लगाया जा रहा है।
पुलिस उन लोगों से भी संपर्क कर रही है, जिन्होंने हाल में संदिग्ध शराब का सेवन किया था। ऐसे लोगों को किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की सलाह दी जा रही है।
मेथनॉल की जांच के लिए FSL भेजे गए सैंपल
पुलिस ने शराब के नमूने फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) भेजे हैं। इनमें मेथनॉल की मौजूदगी की जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि शराब में कौन सा जहरीला पदार्थ था और उसकी मात्रा कितनी थी।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस अवैध शराब की सप्लाई में कौन-कौन लोग शामिल थे और इसे किन इलाकों तक पहुंचाया गया था।



