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बांस के डंडे से अभ्यास करने वाले जौनपुर के रोहित बने दुनिया के नंबर दो भाला फेंक खिलाड़ी

जाैनपुर। उत्तर प्रदेश के जनपद जाैनपुर के मछलीशहर विकास खण्ड क्षेत्र के डबिया गांव निवासी रोहित यादव ने भुवनेश्वर में आयोजित 65वीं नेशनल इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के अंतिम दिन 87.05 मीटर भाला फेंककर रोहित ने उपलब्धि हासिल की है। इसी के साथ रोहित ने इसी वर्ष जापान में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है।

चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले रोहित ने दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा को पीछे छोड़ दिया। इसी के साथ उन्होंने जापान के नागोया में होने वाले 20वें एशियाई खेल 2026 के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। रोहित की इस उपलब्धि पर उनके परिवार के साथ उनके गांव व दोस्तो में खुशी की लहर है। उनके परिवार ने बातचीत में बताया कि पिछले 10 से 12 वर्षों का संघर्ष का नतीजा है।रोहित के साथ पिता ने बहुत मेहनत की है वह भी खिलाड़ी है। आज पूरे परिवार में खुशी है और परिवार के लोग ईश्वर से प्रार्थना करते है कि अच्छा खेले और देश का नाम रोशन करें।

मछलीशहर ब्लॉक के डबिया गांव निवासी रोहित यादव एक गरीब किसान परिवार से है, उनके पिता सभाजीत यादव खेती करके अपने परिवार का भरण पोषण करते है।उनके बड़े बेटे ने बताया कि उस गरीबी के दौर में संसाधन नही थे। कही आस पास से बांस काटकर लाते थे और बांस का भाला बनाकर पिता सभाजीत अपने बच्चों को भाला फेंकना सिखाते थे। भाई राहुल यादव ने बताया कि जैवलिन खरीदने के पैसे नहीं थे। बांस के बम्बू से जैवलिन थ्रो की शुरुआत की थी था। सरकार के द्वारा पटियाला कैम्प में सुविधा मिल रही है।

 

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