एफपीपीएएस का नया फार्मूला देगा बिजली उपभोक्ताओं काे बड़ी राहत, वीसीए से कम लगेगा चार्ज

रायपुर(realtimes) छत्तीसगढ़ के 61 लाख ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं के लिए यह साल काफी राहत भर है। पहले टैरिफ में इजाफा नहीं किया गया, इसके बाद अब वीसीए के स्थान पर लाया गया एफपीपीएएस का नया फार्मूला भी राहत देना वाला है। बिजली उपभोक्ताओं से लिया जाने वाला वीसीए अब बंद कर दिया गया है। केंद्रीय सरकार के निर्देश पर छत्तीसगढ़ राज्य बिजली नियामक आयोग ने अब उत्पादन लागत के अंतर की राशि को उपभोक्ताओं से वसूलने के लिए नया फार्मूला फ्यूल पॉवर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) लागू कर दिया है। नए फार्मूले के हिसाब से ऊर्जा प्रभार में प्रतिशत के हिसाब से शुल्क लिया जाएगा। ऐसे में पहले माह अप्रैल के बिल में करीब 5.3 फीसदी शुल्क लगने का अनुमान निकाला गया है। यह शुल्क वीसीए से काफी कम होगा। कम खपत करने वालों को कम और ज्यादा खपत खपत ने वालों को थोड़ा ज्यादा शुल्क लगेगा। घरेलू उपभोक्ताओं को चार सौ यूनिट तक एफपीपीएएस के शुल्क में वीसीए की तरह ही लाभ मिलेगा और आधे पैसे लगेंगे। चार यूनिट से ज्यादा में पूरे पैसे देने होंगे, जिस तरह से वीसीए में होता था।
नए फार्मूले को अप्रैल से लागू किया गया है। ऐसे में अप्रैल में पॉवर कंपनी को बिजली खरीदी में जो ज्यादा पैसे खर्च करने पड़े हैं, उसका प्रतिशत निकालकर अप्रैल के बिल के ऊर्जा प्रभार में लिया जाएगा। इसके लिए 5.3 प्रतिशत के हिसाब से पैसे लिए जाने का अनुमान लगाया गया है। पॉवर कंपनी इसका आदेश जल्द जारी करेगी।
200 यूनिट तक 20 पैसे और 400 तक 23 पैसे प्रति यूनिट लगेंगे
नए फार्मूले में बड़ा फायदा यह होगा कि इसमें वीसीए की तरह हर यूनिट पर एक ही तय शुल्क नहीं लगेगा। पिछला वीसीए 43 पैसे था तो सभी यूनिट पर 43 पैसे लगते थे, लेकिन नए फार्मूले में पहले सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 370 रुपए है तो इस पर 5.3 प्रतिशत के हिसाब से 19.61 रुपए लगेंगे यानी एक यूनिट पर 20 पैसे से कम। दो सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 760 रुपए होता है। इस पर 40.28 रुपए लगेंगे यानी 20 पैसे से कुछ ज्यादा। तीन सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 1290 रुपए है। इस पर 68.37 रुपए लगेंगे यानी करीब 23 पैसे। चार सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 1720 रुपए है, इस पर 91.16 रुपए लगेंगे। इस पर भी प्रति यूनिट 23 पैसे आएंगे। चार सौ यूनिट तक जितने रुपए लगेंगे। घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल हॉफ योजना के कारण उसका आधा देना पड़ेगा। इसके बाद पूरे पैसे लगेंगे।



