हॉलमार्क का यह है सूरते हाल, प्रदेश में 10 हजार ज्वेलर्स, पंजीयन सिर्फ दाे हजार का - realtimes
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हॉलमार्क का यह है सूरते हाल, प्रदेश में 10 हजार ज्वेलर्स, पंजीयन सिर्फ दाे हजार का

रायपुर. राज्य के सराफा कारोबारी लगता है हॉलमार्क का नियम मनाने तैयार नहीं है. तभी ताे यहां का सूरते हाल यह है कि दस हजार कारोबारियों में से महज दाे हजार ने ही अब तक पंजीयन कराया है, जबकि दाे दिन पहले ही एक अप्रैल हर तरह की सोने की ज्वेलरी पर हॉलमार्क जरूरी कर दिया गया है। यह तय है जिन कारोबारियों ने पंजीयन नहीं कराया है, वे जेवर और सोना नहीं बेच सकेंगे। पंजीयन कराने का कोई शुल्क न होने के बाद भी जेवर बेचने वाले कारोबारी इस उम्मीद में पंजीयन कराने से बच रहे हैं कि सरकार शायद जल्द ही जेवर बेचने वाले कारोबारियों के लिए पंजीयन की अनिवार्यता समाप्त कर देगी। इसके लिए केंद्रीय मंत्री को पत्र भी लिखा गया है।
केंद्र सरकार ने ग्राहकों को शुद्ध सोना मिल सके इसके लिए अब सोने से बने सभी जेवरों पर हॉलमार्क जरूरी कर दिया है। दो ग्राम से ज्यादा के सभी जेवरों पर हॉलमार्क जरूरी हो गया है। बिना हॉलमार्क वाले जेवर अब कोई भी सराफा कारोबारी न तो बना सकेगा और न ही बेच सकेगा। बिना हॉलमार्क के जेवर बेचने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
पंजीयन कराने में गंभीर नहीं
जेवर बेचने वालों के लिए भी हॉलमार्क में पंजीयन कराना जरूरी होने के बाद भी अपने राज्य 75 फीसदी ने अपना पंजीयन कराया ही नहीं है। प्रदेश में छह हजार से भी ज्यादा सराफा कारोबारी हैं जो सोने के जेवर बेचने का काम करते हैं। राजधानी रायपुर में ही रायपुर सराफा एसोसिएशन में 12 सौ सदस्य हैं। इसके अलावा भी छोटे मोहल्लों और कालोनियों में कई ज्वेलर्स ऐसे हैं जो एसोसिएशन के सदस्य नहीं है। रायपुर में डेढ़ हजार से ज्यादा  ज्वेलर्स हैं जो जेवर बेचने का काम करते हैं।
प्रदेश में दस सेंटर
हॉलमार्क के प्रदेश में चार जिलों में दस सेंटर हैं। राजधानी रायपुर में छह, दुर्ग में दो और राजनांदगांव और बिलासपुर में एक-एक सेंटर है। इन सेंटर के सौ किलोमीटर के दायरे में आने वाले सराफा कारोबारी अपना पंजीयन करा सकते हैं। पंजीयन का कोई शुल्क भी नहीं है, लेकिन इसके बाद भी पंजीयन कराने में कारोबारियों ने रुचि नहीं दिखाई है।
विक्रेता के लिए अनिवार्यता समाप्त होने की संभावना
प्रदेश के जेवर विक्रेताओं के लिए पंजीयन समाप्त होने की संभावना है। रायपुर सराफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू ने केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर विक्रेताओं के लिए पंजीयन अनिवार्य न करने के साथ ही हर जिले में हॉलमार्किंग सेंटर की स्थापना किए जाने की मांग की है। पत्र में मंत्री को बताया गया है, प्रदेश में 10 हॉलमार्किंग सेंटर हैं, लेकिन सभी जिलों में सेंटर न होने से यहां के सराफा कारोबारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और मजबूरन दूसरे जिलों में जाकर जेवर का हॉलमार्किंग कराना पड़ रहा है।

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