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कर्मचारियों की पेंशन योजना शुरू होने पर भाजपा को पीड़ा हो रही – कांग्रेस

रायपुर/ 24 जनवरी 2023। ओल्ड पेंशन योजना के शुरू करने पर भाजपा के विरोध को कांग्रेस ने भाजपा का कर्मचारी विरोधी चरित्र बताया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जब भी कर्मचारी की हितों की बात होता है तब भाजपा उसके विरोध में खड़े हो जाती है या उसकी निंदा करती है। ओल्ड पेंशन स्कीम छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कर्मचारियों के बुढ़ापे को सुरक्षित करने के लिये शुरू किया है। पूर्ववर्ती भाजपा की सरकार ने पेंशन बंद कर दिया था कांग्रेस सरकार इसको शुरू कर रही है। कर्मचारियों का 17 हजार 240 करोड़ रूपये केन्द्र सरकार के पास जमा है। यह पैसा कर्मचारियों का और राज्य सरकार के द्वारा दिया जाने वाले राज्यांश का पैसा है इसको केन्द्र सरकार वापस नही कर रही है। भाजपा की केन्द्र सरकार नहीं चाहती कि कर्मचारियों को उनके बुढ़ापे का सहारा पेंशन शुरू हो पाये।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस सरकार कर्मचारियों को पूरी स्वंतत्रता दे रही है। कर्मचारियों से फार्म भरवाये जा रहे है। ओल्ड पेंशन स्कीम, न्यू पेंशन स्कीम है उनको दोनों में से एक को चुनने की पात्रता दी गयी है। भाजपा किस नैतिकता से विरोध कर रही है। उनमें साहस हो तो मोदी के पास जो 17 हजार 240 करोड़ रूपये राज्य का पैसा, कर्मचारियों का पैसा है उसको वापस करे। भाजपा की केन्द्र सरकार कर्मचारियों की पेंशन योजना राज्य शुरू नहीं पाये इसलिये 17240 करोड़ रू. जो राज्य के कर्मचारियों एन.पी.एस का पैसा जमा है। उसको देने से मना कर दिया है ताकि राज्य सरकार पेंशन योजना धनाभाव में चालू नहीं कर सके। मोदी सरकार की इस अडंगे बाजी के बावजूद कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों को पेंशन देने के लिये मंत्री मंडल में निर्णय ले लिया है जो सरकार के कर्मचारी हितैषी रवैय्ये को प्रदर्शित करता है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मोदी सरकार के द्वारा पहली बार नही है जब राज्य सरकार में योजना में व्यवधान पैदा करने का काम किया गया है। इसके पहले 2500 रू. में धान खरीदने की घोषणा के बाद भी मोदी सरकार ने राज्य सरकार पर दबाव बनाया था कि धान पर समर्थन मूल्य के अलावा 1 रू. का भी अतिरिक्त भुगतान किया जायेगा तो छत्तीसगढ़ से सेन्ट्रल पुल का चावल केन्द्र सरकार नहीं लेगी। तब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों का वायदा पूरा करने के लिये राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू कर किसानों को प्रति एकड़ इनपुट सब्सिडी देने का निर्णय लिया और और राज्य में किसानों को 9000 से 10000 रू. तक प्रति एकड़ इनपुट सब्सिडी का भुगतान किया जाता है।
प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि केंद्र सिर्फ कर्मचारियों के एनपीएस के 17,240 करोड़ ही नही राज्य के अन्य मदो के जीएसटी का, विभिन्न शेश का पैसा, कोयला रॉयल्टी क्षतिपूर्ति का पैसा, मनरेगा का पैसा जो 55,000 करोड़ से अधिक का है केंद्र राज्य को सिर्फ इसलिए नहीं दे रहा क्योंकि राज्य में कांग्रेस के सरकार है ताकि पैसे के अभाव में सरकार काम न कर पाए। केंद्र सरकार राज्य का उसके हक का पैसा दे दे तो राज्य को उसके जनहित के अनेकों काम सम्पादित हो जाये।

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