तेलंगाना के अफसरों के साथ आमने-सामने बैठकर आज होगा 36 करोड़ के बकाया का हिसाब

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी का तेलंगाना बिजली कंपनी पर 36 साै करोड़ बकाया को लेकर जो लंबे समय से विवाद चल रहा है अब उसके समाप्त होने की संभावना है। विवाद को समाप्त करने के लिए तेलंगाना के पांच अधिकारियों की टीम कल की शाम को यहां पहुंच गई है। अब इनकी आज सुबह 11 बजे से छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी द्वारा बनाई गई पांच अधिकारियों की टीम के साथ मैराथन बैठक होगी। इसमें तेलंगाना की आपत्तियों का निराकरण करते हुए तय होगा कि कितने बकाया का भुगतान तेलंगाना को करना है।छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी द्वारा लगातार बिजली देने के बाद भी वहां से नियमित भुगतान न हाेने की वजह से तेलंगाना पर सात सालों में 36 साै कराेड़ का उधार चढ़ गया है। तेलंगाना कंपनी यह मानने ही तैयार नहीं है कि बकाया 36 सौ करोड़ है। पहले उसने 15 सौ करोड़ का ही बकाया माना। इसके बाद तेलंगाना ने छह सौ करोड़ का और बकाया कबूल किया। कुल मिलाकर तेलंगाना की कंपनी 21 करोड़ का ही बकाया मान रही है। इसकी कुछ किस्तें भी मिल गई हैं।
बकाया पर आज होगा मंथन
छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी करीब चार माह से यह प्रयास कर रही थी कि दोनों कंपनियों के अधिकारी आमने-सामने बैठकर बात करें तो यह तय हो सके कि आखिर बकाया में कहां पर परेशानी है। इसको अब जाकर तेलंगाना की कंपनी ने माना है। उसने अपनी कंपनी के पांच अधिकारी डीई सुष्मिता, एडीई सौजन्या, एकाउटेंड मोहन चंद्रा, एसएओ किशोर और एओ श्याम सुंदर रायपुर भेजे हैं। उधर प्रदेश की कंपनी ने जिन पांच अधिकारियों काे नियुक्ति किया है, उसमें एसीई एके अम्बष्ट, एजीएम वित्त जीके राठी, एसई एके सिंग, ईई टीएन बंछोर और मैनेजर वित्त लविश कुमार शामिल हैं। दोनों टीमें के अधिकारी बुधवार को 11 बजे आमने-सामने बैठकर पूरे बकाया पर मंथन करेंगे। तेलंगाना की हर आपत्ति का निराकरण होगा। तेलंगाना को सरचार्ज से लेकर जिस भी शुल्क को लेकर आपत्ति है, उसका हल निकालकर तय किया जाएगा कि आखिर बकाया कितना है। जो भी बकाया दोनों टीमों की सहमति से तय होगा, उसकी रिपोर्ट दाेनों कंपनियों को दी जाएगी, इसके बाद अंतिम बकाया पर फैसला होगा।



