City

मां दंतेश्वरी के छत्र और मावली माता की डोली का भव्य स्वागत, आज भीतर रैनी रस्म होगी

जगदलपुर। 75 दिनों तक चलने वाला ऐतिहासिक बस्तर दशहरा धूमधाम से मनाया जा रहा है। दशहरा उत्सव में शामिल होने दंतेवाड़ा से जगदलपुर पहुंची मां दंतेश्वरी के छत्र और माता मावली की डोली का मंगलवार रात भव्य स्वागत किया गया। हजारों की भीड़ भक्तिभाव से उमड़ी थी। वहीं, आज बस्तर दशहरा की एक महत्वपूर्ण रस्म भीतर रैनी पूरी की जाएगी। इस रस्म में 8 पहियों वाले विजय रथ की परिक्रमा पूरी करवाई जाएगी।

दरअसल, बस्तर दशहरा पूजा विधान की सबसे महत्वपूर्ण रस्म मावली परघाव है। दंतेवाड़ा से जगदलपुर पहुंची माता की डोली और छत्र का स्वागत सैंकड़ों वर्षाे से राज परिवार द्वारा किया जा रहा है। मां दंतेश्वरी की डोली सोमवार देर रात एक बजे के बाद जिया डेरा पहुंची थी। जिया डेरा में सुबह से शाम तक माईजी की डोली का दर्शन करने लोगों का तांता लगा रहा। शाम को माईजी की डोली दंतेश्वरी मंदिर के लिए रवाना हुई। डोली पैलेस रोड में पुराने कूटरु बाड़ा के पास पहुंची।

मावली परघाव के बाद राज परिवार कमल चंद भंजदेव स्वयं डोली को अपने कंधे पर रख दंतेश्वरी मंदिर ले जाएंगे। यहां मंदिर के पुजारियों द्वारा परंपरानुसार माईजी की डोली का स्वागत किया जाएगा। बताया गया कि बुधवार शाम मां दंतेश्वरी का छत्र कुछ समय के लिए विजयरथ में आरूढ़ होगी। इसके बाद रथ के आगे चल रहे वाहन में विराजेगी। उनके रथ से नीचे आने के बाद ही शहर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर का छत्र रथारुढ़ किया जाएगा। रथ परंपरानुसार मावली माता मंदिर की परिक्रमा करेगी इस परिक्रमा को ही भीतर रैनी कहा जाता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button