साय ने की सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा, शिकायत निपटाने में लापरवाही तहसीलदार सस्पेंड, एक को नोटिस

सीएम हेल्पलाइन 1076 की समीक्षा में सख्त रुख,
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को सीएम हेल्पलाइन 1076 के कामकाज की समीक्षा की। इस दाैरान शिकायतों के निराकरण में लापरवाही का मामला सामने आने के बाद कबीरधाम जिले के तहसीलदार को निलंबित किया गया है। इसके साथ ही एक अन्य मामले में बिलासपुर के तहसीलदार को नोटिस भी जारी किया गया है। समीक्षा के दाैरान मुख्यमंत्री ने दर्ज शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक देरी और लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिकायतों का समाधान केवल कागजों और आंकड़ों में नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिकायत बंद करना लक्ष्य नहीं, बल्कि नागरिक की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। बार-बार लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर स्थित सीबीडी बिल्डिंग में सीएम हेल्पलाइन कार्यालय पहुंचकर व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टरों से जुड़कर राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, नगरीय प्रशासन, पेयजल और बिजली सहित विभिन्न विभागों की शिकायतों की प्रकरणवार समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों की रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय शिकायतकर्ताओं से सीधे बातचीत कर समस्याओं के वास्तविक निराकरण की जानकारी ली।
डेढ़ साल से लंबित था सीमांकन, तहसीलदार सस्पेंड
समीक्षा में कबीरधाम जिले की पथरिया तहसील के सीमांकन प्रकरण में करीब डेढ़ साल की देरी सामने आई। शिकायतकर्ता छबील पाली ने बताया कि उन्होंने अप्रैल 2025 में सीमांकन के लिए आवेदन दिया था, लेकिन लंबे समय तक प्रकरण का निराकरण नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए कलेक्टर कबीरधाम को संबंधित तहसीलदार प्रमोद कुमार चक्रवंशी के निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही अगले एक महीने के भीतर कब्जा दिलाने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा।
अभिलेख दुरुस्ती लंबित, बिलासपुर के तहसीलदार को नोटिस
बिलासपुर जिले की पचपेड़ी तहसील के ग्राम कुकुलकाल में बंटवारा आदेश के बाद भी राजस्व अभिलेख दुरुस्त नहीं होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। इस मामले में 28 फरवरी 2023 को बंटवारा आदेश पारित हो चुका था, लेकिन आठ खसरों में से एक खसरे में तकनीकी त्रुटि के कारण अभिलेख दुरुस्ती लंबित थी। मुख्यमंत्री ने जवाबदेही तय करने और संबंधित तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
बंद शिकायतों की होगी रैंडम जांच
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों के निराकरण का आकलन केवल बंद की गई शिकायतों की संख्या से नहीं, बल्कि नागरिकों को मिली वास्तविक राहत से होना चाहिए। आंकड़े बेहतर दिखाने के लिए शिकायतें बंद करने की प्रवृत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। ‘स्पेशल क्लोज्ड’ सहित निराकृत शिकायतों की रैंडम जांच कराई जाएगी और शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेकर यह परखा जाएगा कि उनकी समस्या वास्तव में दूर हुई है या नहीं। बिना समाधान के शिकायत बंद पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
राशन की अतिरिक्त वसूली लौटाने के निर्देश
सक्ती जिले के डभरा विकासखंड के ग्राम बसंतपुर निवासी आकाश पटेल की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने उचित मूल्य की दुकान से शक्कर देने के दौरान निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूले जाने के मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को हितग्राहियों से वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस कराने के निर्देश दिए।बेमेतरा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना की तीसरी किस्त लंबित होने के मामले में मुख्यमंत्री ने वास्तविक स्थिति की जांच कर हितग्राही को स्पष्ट जानकारी देने और नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। वहीं दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड के ग्राम गोढ़ी में करीब 15 दिनों से गंदे पेयजल की शिकायत पर तत्काल सुधार कर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अंबिकापुर में सार्वजनिक शौचालय की सफाई और संचालन से जुड़ी शिकायत पर भी व्यवस्था सुधारने को कहा।
हर महीने होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने विभागीय सचिवों और कलेक्टरों को शिकायतों की प्रकृति, लंबित अवधि और निराकरण की स्थिति का गंभीरता से विश्लेषण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक ही विभाग या सेवा से संबंधित शिकायतें बार-बार आने पर उनके मूल कारणों की पहचान कर व्यवस्था में सुधार किया जाना चाहिए। दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों के नागरिकों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ सहजता से पहुंचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीएम हेल्पलाइन की हर महीने नियमित समीक्षा होगी। लंबित और ‘स्पेशल क्लोज्ड’ मामलों के साथ शिकायतकर्ताओं से मिले फीडबैक पर भी नजर रखी जाएगी। अच्छा काम करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि अनावश्यक देरी, उदासीनता और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, विशेष सचिव रजत बंसल सहित विभिन्न विभागों के सचिव और सभी जिलों के कलेक्टर शामिल हुए।



