सरिया की पहले उतरी खुमारी, अब सट्टा बाजार से फिर आ गई कीमत में तेजी की बारी  - realtimes
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सरिया की पहले उतरी खुमारी, अब सट्टा बाजार से फिर आ गई कीमत में तेजी की बारी 

रायपुर(realtimes) देश भर में सरिया काे लेकर जिस तरह से पिछले कुछ सालों से मुनाफाखोरी का खेल चल रहा था, उस पर इस माह एक तरह से ब्रेक लग गया और कीमत आसमान से सीधे जमीन पर आ गई। प्रदेश में मानसून के कारण निर्माण कार्यों पर लगभग विराम लगने से सरिया की कीमत लगातार कम होती चली गई। इस समय सरिया की कीमत तीन साल पुराने 50 हजार के स्तर तक आने के बाद इस सप्ताह डिमांड आने पर कीमत में फिर से तेजी आ गई गई है। अब सरिया की कीमत 52 हजार रुपए टन हो गई है। वैसे इस साल कीमत में 14 हजार तक की कमी आई है। जो सरिया इस साल के प्रारंभ में 64 हजार रुपए टन था, वह अब 49 हजार 500 तक जाने के बाद वापस अब 52 हजार रुपए हो गया है। इसके पीछे का कारण सट्टा बाजार काे बताया जा रहा है। एक बार फिर से मुनाफाखोरी के लिए कीमत बढ़ाने का खेल प्रारंभ हाे गया है। 
सरिया की कीमत हमेशा मानसून के समय कम हो जाती है। इस समय लोकल सरिया की कीमत थोक में जहां 52 हजार रुपए है, वहीं चिल्हर में यह 53 हजार में बिक रहा है। लेकिन जहां तक ब्रांडेड सरिया का सवाल है तो वह ज्यादा महंगा है। ब्रांडेड में भी दो प्रकार के ब्रांडेड सरिया हैं। एक सरिया सेल एवं टाटा और अन्य बड़ी कंपनियों का है। दूसरा लोकल में भी ब्रांडेड सरिया है। इसकी कीमत हमेशा से ज्यादा रहती है। आमतौर पर घर बनाने वाले लोकल सरिया का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि यह सस्ता रहता है।
70 हजार तक गई है कीमत
लोकल सरिया की कीमत पिछले साल तो 70 हजार रुपए तक चली गई थी। इस साल के प्रारंभ में ही कीमत 64 हजार रुपए थी। इसके बाद से कीमत में कमी आती गई है। मानसून आने के बाद से ही कीमत में कमी आई है। मानसून में सब तरफ काम बंद हो जाते हैं। इस समय भी जहां रियल एस्टेट का काम नहीं चल रहा है, वहीं निजी घर बनाने की रफ्तार भी सुस्त है। यही वजह है कि कीमत में लगातार गिरावट देखने को मिली है।
डिमांड ने बढ़ा दी कीमत
सरिया कारोबारियों का कहना है, एक सप्ताह पहले तो कीमत करीब 50 हजार प्रति टन पर आ गई थी। उस समय पूरे देश में डिमांड कम थी, लेकिन अब वापस डिमांड आने के बाद लगातार कीमत में इजाफा हो रहा है। तीन दिनों में कीमत करीब तीन हजार तक बढ़ गई है। डिमांड आने के कारण अब छत्तीसगढ़ में उत्पादन में भी इजाफा हो गया है। पहले उत्पादन 40 फीसदी कम हो गया था, लेकिन अब ज्यादा उत्पादन किया जा रहा है।
स्पंज आयरन की कीमत भी बढ़ी
स्पंज आयरन की कीमत कुछ समय पहले 27 हजार रुपए टन बिना जीएसटी के हो गई थी, लेकिन अब इसकी कीमत 29 हजार पांच सौ रुपए और 18 फीसदी जीएसटी अलग से हो गई है। स्पंज आयरन में दस फीसदी की तेजी आने के कारण ही सरिया की कीमत में करीब सात फीसदी की तेजी आई है।

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