
जांच एजेंसियों के ‘दुरुपयोग’, महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दे पर सरकार की चुप्पी को लेकर विपक्ष में आक्रोश देखने को मिला। संसद से लेकर सड़क तक विपक्ष का विरोध जारी है। आज भी संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने केंद्रीय जांच एजेंसी के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। विपक्ष की ओर से लगातार हो रहे हंगामे के चलते संसद की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित करना पड़ा। कार्यवाही स्थगित के बाद विपक्ष ने मोदी सरकार को फिर घेरा।
संसद के बाहर विजय चौक पर कांग्रेस सांसदों ने मीडिया को संबोधित करते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया। कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि लोकतंत्र के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ है कि जब संसद का सत्र चल रहा हो तो किसी जांच एजेंसी द्वारा विपक्ष के नेता को तलब किया जाता है। अगर हमारे नेता को तलब करना होता तो यह सुबह 11 बजे से पहले या शाम 5 बजे के बाद किया जा सकता था। कांग्रेस ने पूछा मोदी जी इतने डरे हुए क्यों हैं?
राज्यसभा में भी हुआ हंगामा
ऐसा ही हाल राज्यसभा का भी रहा जांच एजेंसियों के ‘दुरुपयोग’ को लेकर विपक्ष के तीखे विरोध के बीच राज्यसभा में गुरुवार को ‘प्रश्नकाल’ का आयोजन हुआ, लेकिन सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। फिर पूरे दिन के लिए कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया। आपको बता दें, विपक्षी सदस्यों द्वारा विपक्षी नेताओं के समन के विरोध में नारेबाजी जारी रखने के बाद सदन की कार्यवाही को दिन भर के लिए स्थगित करना पड़ा।
कार्यवाही के दौरान विपक्षी नेताओं की ओर से जोरदार नारेबाजी जारी रही और इसी बीच रेड्डी ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को बोलने की अनुमति दी। खड़गे ने कहा कि जब सदन का सत्र चल रहा था, उसी समय उन्हें एजेंसी की ओर से दोपहर 12.30 बजे जांच एजेंसी के सामने पेश होने का समन मिला था। खड़गे ने कहा, “मैं कानून का सम्मान करता हूं और कानून प्रवर्तन एजेंसी के समक्ष पेश रहूंगा।”



