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विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा में समावेशी शिक्षा अंतर्गत एनालिसिस आउट ऑफ स्कूल प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन

     *कोरबा/* शिक्षा विभाग की उत्कृष्ट योजना समावेशी शिक्षा अंतर्गत जिला शिक्षा अधिकारी जी पी भारद्वाज के निर्देश अनुसार एवं जिला मिशन समन्वयक डॉ संजय कुमार सिंह के मार्गदर्शन में विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा में एक दिवसीय गैप एनालिसिस आउट ऑफ स्कूल प्रशिक्षण 7 अक्टूबर को प्रारंभिक स्तर के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों शिक्षक एवं पलक अभिभावक गैप एनालिसिस आउट ऑफ स्कूल प्रशिक्षण बीआरसी भवन में संपन्न हुआ।
  बताते चलें प्रशिक्षण का प्रारंभ शैक्षिक विधा अंतर्गत मां सरस्वती की पूजा अर्चना के साथ प्रारंभ किया गया जिसमें विकासखंड शिक्षा अधिकारी आलोक कुमार चंद्राकर,जी डी महंत के उद्बोधन के साथ प्रारंभ हुआ। प्रशिक्षण में जावेद अख्तर, ज्वाला प्रसाद सोलंकी वीआरपी समावेशी शिक्षा के द्वारा आरसी आई राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 एवं दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के अनुसार 21 प्रकार के दिव्यंकाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई साथ ही दिव्यंगता के विभिन्न कारणों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया । स्कूल से बाहर लंबे समय तक रहने वाले बच्चो का चिन्हकन लंबे समय तक अनुपस्थित रहने वाले बच्चों को ट्रैक करना अभिभावकों से समन्वय स्थापित करना एवं पूर्णता दृष्टि बाधित व अल्प दृष्टिवान बालक बालिकाओं को उनकी शैक्षिक आवश्यकता के अनुसार ब्रेल पठनव पठान लेटर फ्रेम अबेकस ज्यामिति किट स्मार्ट केंन की शिक्षकों को जानकारी देते हुए कहा गया समावेशी शिक्षा से तात्पर्य सामान्य शालाओं में सामान्य बच्चों के साथ विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को होम बेस्ट सर्विस देना उनके जीवन कौशल तथा प्रगति का रिकार्ड संधारित करना विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का विद्यालय प्रवेश में बिना किसी भेदभाव के समावेश करना इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य रहा।
        समग्र शिक्षा अंतर्गत समावेशी शिक्षा हेतु शाला में अध्यनरत सामान्य बच्चे एवं विशेष आवश्यकता वालों की समस्या उनकी शिक्षा में आ रही बढ़ाओ को दूर कर शिक्षण प्रशिक्षण को उपयोगी बनाने दिव्यांग पहचान चिन्हांकन शिक्षा की मुख्य धारा में जोड़ना प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य था मॉड्यूल व स्टेशनरी पेन कॉपी तथा बच्चों एवं पलक को भोजन उपलब्ध कराया गया प्रशिक्षण पश्चात पलकों से चर्चा किया गया उन्हें इस प्रशिक्षण से क्या सीख मिली उन्होंने बताया कि समावेशी विद्यालय में एक सामान्य बच्चा एवं एक दिव्यांग बच्चों को एक साथ कैसे पढ़ाया जा सकता है बीआरपी जावेद अख़्तर ने बताया प्रशिक्षण का समापन विकासखंड शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार चंद्राकर एवं स्त्रोत समन्वयक जीडी महंत के  नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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