वायनाड भूस्खलन: मृतकों की संख्या बढ़कर 151 हुई

वायनाड: वायनाड के मुंडकाई और चूरामला में भूस्खलन वाले इलाकों में तलाशी अभियान शुरू हो गया है. खराब मौसम के कारण कल रात तलाशी रोक दी गई थी. सेना चार टीमों में तलाशी अभियान चला रही है. सेना ने बचाव अभियान के लिए घटनास्थल पर एक अस्थायी पुल का निर्माण किया है.
बताया जा रहा है कि तलाशी अभियान को और कारगर बनाने के लिए और जवानों को तैनात किया जाएगा. फिलहाल 150 जवान मौके पर हैं. हादसे में 151 लोगों की मौत हो गई है और कई लोग घायल हैं. हादसे में मारे गए लोगों का पोस्टमॉर्टम शुरू हो गया है. कल कुछ शवों को दफनाया गया. कलेक्टर ने बताया कि 94 और लोगों की तलाश की जानी है. इस बीच स्थानीय लोगों का कहना है कि 200 लोग लापता हैं.
केरल के वायनाड में जहां भूस्खलन हुआ है वहां का मंजर दिल दहला देने वाला है. हादसे के बाद आए वीडियो रौंगटे खड़े कर देने वाले हैं. कई लोग कीचड़ में फंसे हैं. कई मकान मलबे के ढेर में दबे हैं. लोग जान बचाने के लिए बिलख रहे हैं. घटनास्थल तक पहुंचने के लिए कोई रास्ता नहीं है. राहत बचावकर्मी बड़ी मुश्किल पीड़ित लोगों तक पहुंच पा रहे हैं. वहीं बीती रात खराब मौसम के कारण राहत बचाव अभियान रोकना पड़ा. आज सुबह फिर से अभियान चलाया गया है.
केरल प्रादेशिक सेना की 122वीं इन्फैंट्री बटालियन के सैनिक बचाव अभियान के दूसरे दिन की तैयारी करते हुए स्थानीय स्कूल में अपने अस्थायी आश्रय से निकलकर मेप्पाडी, वायनाड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे हैं.
क्या बोले एनडीआरएफ कमांडर
केरल के वायनाड में एनडीआरएफ कमांडर अखिलेश कुमार ने कहा, ‘हमने कल मुंदक्कई गांव से घायल पीड़ितों को बचाया. हमें डर है कि पीड़ित ढह गई इमारतों में फंसे हो सकते हैं. कल रात 10 बजे तक हमने 70 लोगों को बचाया, जिसके बाद खराब मौसम और बारिश के कारण हमें काम रोकना पड़ा. चूंकि कई टीमें काम कर रही हैं, इसलिए हम मौतों की सही संख्या नहीं बता सकते, क्योंकि हमें केवल उन शवों के बारे में पता है जिन्हें हमारी टीम ने बरामद किया है. लोगों को नदी के दूसरी तरफ एक रिसॉर्ट और एक मस्जिद में शरण दी गई है. चूंकि बारिश हो रही है, इसलिए फिर से भूस्खलन की संभावना है.’



