लगा महंगी बिजली का करंट, उत्पादन लागत बढ़ने से वीसीए में 23 पैसाें का इजाफा - realtimes
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लगा महंगी बिजली का करंट, उत्पादन लागत बढ़ने से वीसीए में 23 पैसाें का इजाफा

रायपुर(realtimes) नए टैरिफ से महंगी हुई बिजली के झटके से उपभोक्ता उबर भी नहीं पाए हैं कि एक बार फिर से महंगी बिजली का झटका लग गया है। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को इस माह से बिजली में 23 पैसे यूनिट महंगाई का करंट लग गया है। छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने उत्पादन लागत में इजाफा होने के कारण वीसीए को 19 पैसों के स्थान पर 42 पैसे प्रति यूनिट कर दिया है। हर दो माह में उत्पादन लागत का आंकलन करके वीसीए तय किया जाता है। पॉवर कंपनी को एनटीपीसी से बिजली लेने में ज्यादा पैसे भी लग रहे हैं, क्योंकि एनटीपीसी की बिजली महंगी हो गई है। इस माह कंपनी को करीब 160 करोड़ रुपए का ज्यादा भुगतान एनटीपीसी को करना पड़ रहा है। हर माह कंपनी एनटीपीसी से 11 से 12 सौ मिलियन यूनिट बिजली लेती है।

बिजली उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत में टैरिफ के हिसाब से जो पैसे देने होते हैं, उसके अलावा कुछ टैक्स और वीसीए भी देना होता है। छत्तीसगढ़ राज्य नियामक आयोग ने पॉवर कंपनी को हर दो माह में कोयला और फ्यूल सहित अन्य को मिलाकर उत्पादन लागत के हिसाब से वीसीए तय करने की इजाजत दी है। ऐसे में कंपनी समीक्षा करते तय करती है कि आने वाले दो माह का वीसीए क्या होगा। कई बार उत्पादन लागत कम होने से वीसीए कम भी किया जाता है।

400 यूनिट पर साढ़े 11 पैसों का भार

वीसीए में भले 23 पैसे प्रति यूनिट का इजाफा किया गया है, लेकिन 400 यूनिट तक उपभोक्ताओं को इसका आधा साढ़े 11 पैसे ही प्रति यूनिट पर देने होंगे। बिजली बिल हॉफ योजना में टैरिफ के साथ वीसीए भी शामिल रहता है। चार सौ यूनिट से ज्यादा खपत करने पर उसमें जरूर 23 पैसे प्रति यूनिट के लगेंगे।

एनटीपीसी की बिजली महंगी

पॉवर कंपनी को ज्यादातर बिजली एनटीपीसी से खरीदनी पड़ती है। हर माह 11 से 12 सौ मिलियन यूनिट बिजली ली जाती है। इसका बिल आमतौर पर 400 से 450 करोड़ आता है, लेकिन इस बार अगस्त माह का बिल 610 करोड़ आया है। यानी 160 करोड़ ज्यादा देने पड़ रहे हैं। आने वाले माह में यह बिल 640 करोड़ तक जाएगा। एनटीपीसी की बिजली महंगी होने के पीछे का कारण विदेशी कोयला है। एनटीपीसी में 10 से 15 फीसदी विदेशी कोयले का उपयोग हो रही है। यह कोयला महंगा होने के कारण बिजली की उत्पादन लागत बढ़ गई है।

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