रियल टाइम्स की खबर पर मुहर, नहीं लगा महंगी बिजली का झटका - realtimes
मौसम डेटा स्रोत: रायपुर मौसम
State

रियल टाइम्स की खबर पर मुहर, नहीं लगा महंगी बिजली का झटका

रायपुर. बिजली नियामक आयोग ने  रियल टाइम्स की खबर पर मुहर लगाते हुए बिजली की कीमत में कोई इजाफा नहीं किया है। प्रदेश के 63 लाख से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं को इससे बड़ी राहत मिली है। बिजली नियामक आयोग ने 2023-24 के लिए नया टैरिफ जारी कर दिया है। किसी भी वर्ग की कीमत में कोई इजाफा नहीं किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी को करीब तीन हजार करोड़ का घाटा हो रहा है, इसके बाद भी कीमत नहीं बढ़ाई गई है। टैरिफ एक अप्रैल से लागू होगा।
पावर कंपनी हर साल दिसंबर में बिजली नियामक आयोग को आगामी साल के खर्च और कमाई का पूरा लेखा-जोखा देकर याचिका लगाती है। इसके आधार पर ही आयोग जनसुनवाई के बाद तय करता है कि बिजली की कीमत में कितना इजाफा होगा और टैरिफ क्या होगा। कई सालों तक पॉवर कंपनी समय पर याचिका ही नहीं लगा रही थी। इस बार कंपनी ने समय से पहले ही याचिका लगाई थी। । कंपनी ने अपनी याचिका में बताया था नए सत्र में 63 लाख उपभोक्ताओं को बिजली दी जाएगी। बिजली आपूर्ति करने के लिए औसत 3.71 रुपए की दर से 4083 करोड़ यूनिट बिजली की खरीदी की जाएगी। इसकी अनुमानित लागत 15179 करोड़ होगी। पॉवर कंपनी ने जहां अपना खर्च 15581 करोड़ बताया था, वहीं मिलने वाला राजस्व 19334.17 करोड़ बताया था। ऐसे में खर्च काटने के बाद कंपनी को 3763.03 करोड़ का फायदा होगा। इसी के साथ कंपनी ने यह बताया था कि 2021-22 के राजस्व की अंतर की राशि 6134.77 करोड़ है। ऐसे में कंपनी को 2371.73 करोड़ का राजस्व कम पड़ेगा। इतना होने के बाद भी कंपनी ने यह भी बताया है कि बिजली सप्लाई दर चालू वित्त वर्ष की तरह की 6.21 रुपए आ रही है। ऐसे में बिजली के टैरिफ में कोई भी बदलाव करने की जरूरत नहीं है। जनसुनवाई में भी सभी वर्गों ने टैरिफ में बदलाव न करने की मांग रखी थी।
आयोग ने माना 2924 करोड़ का घाटा
छत्तीसगढ़ राज्य वितरण पावर कंपनी का लेखा-जोखा देखने के साथ आयोग ने उत्पादन कंपनी का भी लेखा-जोखा देखा। उत्पादन कंपनी को 500 करोड़ का घाटा हुआ है। ऐसे में दोनों कंपनियों का घाटा मिलाकर 2950.54 करोड़ का घाटा आ रहा था, लेकिन इसको आयोग ने 2924.53 करोड़ का घाटा माना है। लेकिन अभी इस घाटे के पूर्ति के लिए टैरिफ में इजाफा नहीं किया गया है।
बिलिंग दर में 13 पैसों का इजाफा
पॉवर कंपनी 15581 करोड़ के राजस्व की जरूरत बताई थी, लेकिन आयोग ने इसको 17228.31 करोड़ माना है। इसी के साथ आयोग ने बिजली की लागत दर 6.58 रुपए मानी है। बिलिंग दर पिछले सत्र में 6.21 रुपए थी, इसमें 13 पैसों का इजाफा हुआ है और अब यह दल 6.34 रुपए हो गई है।
ऑक्सीजन प्लांट की छूट समाप्त
पिछले टैरिफ में जिन वर्गों को छूट दी जा रही थी, उस छूट को भी यूं तो यथावत रखा गया है, लेकिन आदिवासी प्राधिकरण सरगुजा और बस्तर संभाग में संचालित अस्पतालों, नर्सिंग होम, स्टील उद्योगों को ऊर्जा प्रभार में मिलने वाली सात फीसदी की छूट को पांच फीसदी कर दिया है। इसी के साथ कोरोना काल में ऑक्सीजन प्लांटों काे ऊर्जा प्रभार में दी जाने वाली दस फीसदी छूट को समाप्त कर दिया है।
स्टील उद्योग को झटका
नए टैरिफ में एक मात्र 133 केवी और 220 केवी उच्च दाब वाले स्टील उद्योग को झटका लगा है। इनकी दरों में 25 पैसे यूनिट का इजाफा किया गया है। इसी के साथ टीओडी को 65 प्रतिशत के स्थान पर 80 प्रतिशत कर दिया है। यानी रात के समय में स्टील उद्योगों को पहले जाे छूट 35 प्रतिशत मिलती थी, वह अब 20 फीसदी मिलेगी।
घरेलू उपभोक्ताओं की दर
0-100 यूनिट 3.70 रुपए
101-200 यूनिट 3.90 रुपए
201-400 यूनिट 5.30 रुपए
401-600 यूनिट 6.30 रुपए
600 यूनिट से ज्यादा 7.90 रुपए

यह भी पढ़ें: ख़ास ख़बर: नए सत्र में पौने चार हजार करोड़ का फायदा, नहीं लगेगा महंगी बिजली की झटका

Related Articles

Back to top button