मानसून की ऐसी मार, चौपट हाे गया राेज का दस करोड़ का कारोबार

रायपुर(realtimes) मानसून की झमाझम बारिश के कारण राजधानी रायपुर के थोक से लेकर चिल्हर बाजारों पर भारी असर पड़ा है। यहां पर राेज का करीब 20 करोड़ का कारोबार होता है जाे सिमट कर आधा हाे गया है, यानी रोज दस करोड़ का कारोबार प्रभावित हाे रहा है।
हालात यह है कि डूमरतराई थोक बाजार का कारोबार 40 फीसदी प्रभावित होने के कारण रोज चार करोड़ की खरीदारी कम हो गई है। सब्जी मंडी में आवक आधी हो गई है। सब्जियों के दाम आसमान पर चले गए हैं। सबसे ज्यादा टमाटर की कीमत लाल हो गई है। टमाटर थोक में 80 रुपए किलो और चिल्हर में सौ रुपए हो गया है। एक ही दिन में टमाटर का एक कैरेट पांच सौ रुपए महंगा हो गया है। छत्तीसगढ़ में मानसून का आगमन शनिवार रात से हुआ। इसके बाद से लगातार बारिश हाे रही है।
40 फीसदी कारोबार प्रभावित
डूमरतराई के थोक बाजार में 40 फीसदी कारोबार प्रभावित हो गया है। यहां रोज करीब दस करोड़ का कारोबार होता है। यहां से प्रदेश के शहरों में किराना सामान जाने के साथ ही ओडिशा, झारखंड और बिहार भी माल जाता है, लेकिन बारिश के कारण पिछले तीन दिनों से सबसे ज्यादा ओडिशा जाने वाला माल प्रभावित हुआ है। थोक बाजार के अध्यक्ष राम मंधान के मुताबिक डूमरतराई का 50 फीसदी से ज्यादा कारोबार ओडिशा से होता है। वहां इस समय मुश्किल से 10 से 15 फीसदी माल ही जा रहा है। प्रदेश के शहरों के लिए भी माल का उठाव कम है। जहां तक बाहर से आने वाले माल का सवाल है, तो बाहर से माल आने में कोई परेशानी नहीं है, लेकिन डिमांड कम होने के कारण माल कम मंगाया जा रहा है।
सब्जी मंडी में आवक आधी
थोक सब्जी मंडी में आवक आधी हो गई है। यहां पर 20 ट्रक टमाटर रोज आते हैं, लेकिन इस समय महज 6 से 7 ट्रक ही आ रहे हैं। इसके पीछे का कारण यह है कि टमाटर की कीमत लगातार आसमान पर जा रही है। थोक सब्जी मंडी के अध्यक्ष टी. श्रीनिवास रेड्डी के मुताबिक साेमवार काे थोक में टमाटर 15 सौ रुपए कैरेट बिका था, जो मंगलवार को पांच सौ रुपए बढ़कर दो हजार रुपए कैरेट हो गया यानी थोक में कीमत 80 रुपए हो गई है। चिल्हर में यह सौ रुपए तक बिक रहा है। दूसरी सब्जियां रोज 20 से 25 ट्रक आती हैं, लेकिन इस समय 10 से 12 ट्रक ही आ रही हैं। आवक कम होने से सब्जियों की कीमत भी बढ़ गई है। धनिया थोक में सौ रुपए किलो हो गया है। हरी मिर्च थोक में 70 रुपए किलो है। दूसरी सब्जियों की कीमत भी 20 से 25 फीसदी बढ़ गई है। आलू, प्याज की आवक में डिमांड कम होने के कारण कमी आई है। थोक आलू प्याज संघ के अध्यक्ष अजय अग्रवाल के मुताबिक कीमत में इजाफा नहीं हुआ है और माल भी आने में परेशानी नहीं है।
चिल्हर बाजारों में भी सन्नाटा
राजधानी में बारिश के कारण चिल्हर बाजाराें में भी सन्नाटे जैसी स्थिति है। खासकर सब्जी मंडियों में कम लोग आ रहे हैं। शास्त्री बाजार से लेकर शहर के हर सब्जी बाजार में तीन दिनों तक लोगों का आना कम रहा। मंगलवार को मौसम खुलने पर शाम को सब्जी मंडियों में कुछ रौनक रही। गोल बाजार, मालवीय रोड, सदर बाजार से लेकर पंडरी कपड़ा मार्केट में भी तीन दिनों तक भारी सन्नाटा रहा। कारोबारियों का कहना है, नहीं के बराबर कारोबार हाे रहा है। सबकाे मौसम के खुलने का इंतजार है।



