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भूपेश बोले-राज्यपाल आरक्षण बिल पर हस्ताक्षर करें या लौटा दें

रायपुर. आरक्षण विधेयक को लेकर एक बार फिर से राज्य में घमासान छिड़ गया है। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है, राजभवन में पांच माह से विधेयक रुका हुआ है। राज्यपाल को इस पर हस्ताक्षर करने चाहिए, नहीं तो उसे लौटा देना चाहिए। मुख्यमंत्री के इस बयान पर भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है, क्या राज्यपाल के अधिकार आपके सुविधानुसार होंगे।
संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती के मौके पर घड़ी चौक में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए आरक्षण बिल को लेकर कहा, अभी तमिलनाडु के विधानसभा में पारित हुआ। आरक्षण विशुद्ध रूप से राज्य का विषय है। उसे राजभवन में रोककर रखा गया है। यहां के जो छात्र-छात्राएं हैं, जिनको कॉलेज में भी एडमिशन लेना है, नौकरी की भर्ती होनी है उसको अगर रोका जाता है तो इसकी समीक्षा होनी चाहिए कि कितने दिन तक रोका जा सकता है।  क्या राज्यपाल के पास इतना अधिकार है कि युवाओं के जीवन को खतरे में डाल दें, अंधकार में कर दें। यह अधिकार किसी को नहीं मिलना चाहिए।
केंद्र सरकार पर निशाना साधा
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, वर्तमान में लगातार संविधान में जो व्यवस्थाएं हैं, जितनी भी संस्थाएं हैं सभी को कमजोर करने का काम केंद्र सरकार कर रही है। आज लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार आरक्षण लागू होने नहीं दे रही हैं। उन्होंने कहा, लोकसभा में चर्चा नहीं हो रही है। अडानी पर सवाल पूछने पर सदस्यता चली जाती है।
राज्यपाल के अधिकारियों की समीक्षा की बात कहना संविधान का अपमान- अग्रवाल
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा राज्यपाल के अधिकारों की समीक्षा करने की बात कहे जाने पर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, भूपेश बघेल जी जिस राज्यपाल ने आपको शपथ दिलाई, जिस संविधान के तहत अब मुख्यमंत्री बने हैं आप उसी पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं। क्या संविधान और राज्यपाल के अधिकार आपकी सुविधानुसार होंगे। श्री अग्रवाल ने कहा, राज्यपाल के अधिकारों की समीक्षा की बात कहकर आप संविधान का अपमान कर रहे हैं। इसका अधिकार किसी को है तो राष्ट्रपति को है, संसद को है, और आप तो अपने आप को राष्ट्रपति और संसद, संविधान से ऊपर मानने लगे हैं। श्री अग्रवाल ने कहा, आपके अधिकारों की समीक्षा कौन करेगा? आप राज्यपाल के खिलाफ बोल देते हैं, संविधान के खिलाफ बोल देते हैं। कभी नेहरूजी, इंदिराजी, नरसिम्हा रावजी ने भी इस प्रकार की बात नहीं की।

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