भाजपा की मांग ईडी की गिरफ्त में आए अधिकारियों को करें निलंबित

रायपुर(realtimes) नेता प्रतिपक्ष नारायण सिंह चंदेल ने ईडी के छापों और गिरफ्तारी का हवाला देते हुए कहा, अब तक प्रदेश सरकार ने उन अफसरों पर कोई कार्रवाई नहीं की है जिनको ईडी ने गिरफ्तार किया है, इनको प्रदेश सरकार को तत्काल निलंबित करने के साथ जिन पर ईडी की कार्रवाई हुई है, उन अफसरों को भी पद से हटाना चाहिए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी अब अपने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है, उनको भी अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
एकात्म परिसर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए श्री चंदेल ने कहा, भाजपा लंबे समय से कहती रही है कि कोयले में हर टन पर 25 रुपए की अवैध वसूली हो रही है। रोज दो से तीन करोड़ की वसूली की जाती है। अब तक तीन हजार करोड़ से ज्यादा की वसूली हो चुकी है। यह पैसा गया कहां, इसकी जानकारी प्रदेश की जनता को देनी चाहिए। इसी के साथ यह भी बताना चाहिए कि अब तक शराब, रेत और जमीन माफिया से कितनी वसूली की गई है। श्री चंदेल ने कहा, ईडी के प्रेस नोट ने छत्तीसगढ़ में हो रहे बड़े भ्रष्टाचार के रैकेट की पोल खोल दी है।
श्री चंदेल ने कहा कि भ्रष्टाचार करने के लिए बाकायदा नियम बदले गए। कोयले को खदानों से उपयोगकर्ताओं तक मैनुअल जारी करने के लिए ई-परमिट की पूर्व ऑनलाइन प्रक्रिया को संशोधित किया गया। अनापत्ति प्रमाण पत्र इस संबंध में कोई एसओपी या प्रक्रिया परिचालित नहीं की गई थी। भ्रष्टाचार किस प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है इसकी भी विस्तार से जानकारी ईडी ने अपने प्रेस नोट में दी है। 15.7.22 से बिना किसी एसओपी के 30,000 से अधिक एनओसी जारी किए गए हैं। आवक और जावक रजिस्टरों का रखरखाव नहीं किया गया था। अधिकारियों की भूमिका पर कोई स्पष्टता नहीं है। ट्रांसपोर्टर का नाम, कंपनी का नाम आदि जैसे कई विवरण खाली छोड़ दिए गए हैं। तलाशी एवं जांच के दौरान लक्ष्मीकांत तिवारी के पास से 1.5 करोड़ रुपए नकद बरामद किए गए। उन्होंने स्वीकार किया है कि वह रोजाना 1-2 करोड़ की जबरन वसूली करते थे। प्रेस वार्ता में भाजपा मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी, सह प्रभारी अनुराग अग्रवाल, प्रवक्ता केदार गुप्ता, रंजना साहू माजूद रहे।



