भाजपा का धमतरी में बड़ा मंथन, जल्द ही 20 जिलाध्यक्षाें की हाेगी छुट्टी

रायपुर(realtimes) भाजपा की धमतरी में हुई एक तरह की गाेपनीय बैठक से जहां कई दिग्गज नेताओं काे दूर रखा गया, वहीं मीडिया काे बैठक के आस-पास फटकने नहीं दिया गया। कहने काे भाजपा वाले इसकाे गीपनीय बैठक नहीं मान रहे हैं, लेकिन इस बैठक में कई लाेगाें काे बाहर करने का फैसला हाेने के कारण ही इसमें बहुत कम लाेगाें काे शामिल किया गया। बैठक में अगले साल होने वाले चुनाव को देखते हुए संगठन को मजबूत करने पर चिंतन करते हुए कई बदलाव करने और कई आंदोलन करने पर मंथन किया गया। मुख्य रूप से 20 जिलाध्यक्षों को हटाने पर फैसला हुआ है। बहुत ही जल्द नए जिलाध्यक्षों की सूची जारी होगी। बैठक के बाद मुख्य प्रवक्ता अजय चंद्राकर ने बताया साल भर की कार्ययोजना का रोड मैप तैयार करने के साथ प्रदेश सरकार को घेरने पर रणनीति बनाई गई है।
मिशन 2023 को लेकर भाजपा की एक बड़ी बैठक धमतरी के रिसोर्ट में हुई। इस बैठक में राष्ट्रीय सहसंगठन महामंत्री शिवप्रकाश, सहप्रभारी नितिन नवीन, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल के साथ प्रदेश के कोर ग्रुप और चुनिंदा नेताओं को ही एंट्री दी गई। कई दिग्गज नेता, सांसद, विधायक और पूर्व मंत्रियों को बैठक से दूर रखा गया। बैठक में साल भर की कार्ययोजना के लिए रोड मैप पर काम करने के लिए कई तरह की कमेटियां बनाकर उनको जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन कमेटियों की रिपोर्ट के आधार पर काम होंगे। रिपोर्ट के लिए भी एक समय सीमा तय की गई है। बैठक में प्रदेश सरकार को घेरने के लिए कई आंदोलन करने की रणनीति बनाई गई है। आरक्षण को लेकर आदिवासी समाज के साथ भाजपा का अनुसूचित जनजाति मोर्चा 8 अक्टूबर से बड़ा आंदोलन करेगा। प्रदेश में शराबबंदी का वादा पूरा न करने और महिलाओं पर हो रहे अत्याचार और अनाचार को लेकर महिला मोर्चा का जहां तीन नवबंर को बिलासपुर में बड़ा आंदोलन होगा, वहीं बूथ स्तर पर 8 अक्टूबर से इसको लेकर आंदोलन किया जाएगा। इसी तरह से लगातार हर मोर्चा और प्रकोष्ठ के साथ ही प्रदेश और जिला संगठनों के आंदोलनों की रूपरेखा तैयार की गई है। बड़े नेताओं का भी बूथ स्तर पर दौरा तय किया गया है।
संगठन में बड़ा बदलाव
संगठन को और मजबूत करने के लिए जिलाध्यक्षों को बदलने पर बड़ा फैसला किया गया है। संभागीय प्रभारियों से इसकी पूरी रिपोर्ट ली गई है। इसके पहले राष्ट्रीय संगठन, प्रदेश संगठन के साथ ही आरएसएस ने भी जो सर्वे करवाया है, उस पर चर्चा के बाद तय किया गया है कि किन जिलों के अध्यक्षों को हटाया जाना है। जल्द ही जिलाध्यक्षों की नई सूची जारी होगी। इसके अलावा भाजयुमो और किसान मोर्चा की कार्यकारिणी में बड़े बदलाव का फैसला किया गया है।
प्रदेश सरकार पर हमला
बैठक के बाद मुख्य प्रवक्ता अजय चंद्राकर ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया, साल भर की कार्ययोजना बनी है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा, आरक्षण को लेकर प्रदेश सरकार कुछ नहीं कर रही है। किस रोस्टर पर काम हो रहा है, यह सरकार को बताना चाहिए। उन्होंने बेरोजगारी को लेकर कहा, एक माह में ही 0.4 प्रतिशत से बेरोजगारी दर 0.1 प्रतिशत हो गई है। अब यह माइनस में भी चली जाएगी और यहां पर मुख्यमंत्री के साथ ही कांग्रेस के लोगों के पास भी डबल रोजगार हो जाएगा। उन्होंने कहा, बेरोजगारी दर इतनी ही कम है तो चपरासी की भर्ती परीक्षा में जो सवा दो लाख परीक्षार्थी बैठे थे वो भूत, प्रेत थे या जिंदा लाश थे। उन्होंने दावा करते हुए कहा, अगले साल होने वाले चुनाव में इस सरकार की विदाई होगी और भाजपा की सरकार बनेगी।
बैठक में ये रहे उपस्थित
बैठक में राष्ट्रीय नेताओं के अलावा प्रदेशाध्यक्ष अरूण साव, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, महामंत्री केदार कश्यप, ओपी चौधरी, विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह, नेता प्रतिपक्ष नारायण सिंह चंदेल, पूर्व अध्यक्ष विष्णु देव साय, विक्रम उसेंडी, राज्य सभा सांसद सरोज पांडेय, पूर्व राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम, विधायक पुन्नूलाल मोहिले, बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर, शिवरतन शर्मा, सौरभ सिंह, रंजना साहू पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, उपाध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, सांसद संतोष पांडे के साथ ही किरण देव, संजय श्रीवास्तव, शालिनी राजपूत, विकास मरकाम, नवीन मारकंडे, पवन साहू और भरत वर्मा उपस्थित थे।



