बॉक्सिंग में भारत की बड़ी कामयाबी! ऑटो ड्राइवर की बेटी मीनाक्षी हुड्डा ने फाइनल कि टिकट किया पक्का

World Boxing Championship: एक ऑटो चालक की बेटी मीनाक्षी हुड्डा ने यह साबित कर दिया कि गरीबी कामयाबी के आड़े कभी नहीं आ सकती है। मेहनत एक दिन जरुर रंग लाती है। ग्रेटर नोएडा के शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में चल रही विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में मीनाक्षी हुड्डा ने फाइनल में अपना नाम दर्ज करवा लिया है। मीनाक्षी (48 किग्रा) ने कोरिया की बेक चो-रोंग को 5-0 से हरा दिया। अरुंधति चौधरी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी करते हुए तीन बार की विश्व कप पदक विजेता लियोनी मुलर को हराया। मीनाक्षी, अंकुश पंघाल, परवीन और नूपुर सभी ने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है।
डेढ़ साल बाद अरुंधति ने की शानदार वापसी
बता दें कि, पूर्व विश्व चैंपियन अरुंधति डेढ़ साल बाद प्रतिस्पर्धा कर रही थीं। उन्होंने पहले दो राउंड पूरी आक्रामकता के साथ जीते। उन्होंने दूसरे राउंड में जर्मन मुक्केबाज को नॉकआउट कर दिया। अरुंधति ने कहा, “मैं डेढ़ साल बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लौटी हूँ और आरएससी में जीत के साथ वापसी करके बहुत खुश हूँ। शुरुआत में मैं थोड़ी घबराई हुई थी, क्योंकि मेरा आखिरी अंतरराष्ट्रीय अनुभव पेरिस (ओलंपिक 2024) क्वालीफायर में हार का था, जिसके बाद मेरी कलाई की सर्जरी हुई थी।”
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अन्य भारतीय मुक्केबाजों ने किया कमाल
अंकुश पंघाल (80 किग्रा) ने ऑस्ट्रेलिया के मार्लन सेवहोन को 5-0 से हराया, जबकि नुपुर (80 किग्रा) ने यूक्रेन की मारिया लोवचिन्स्का को हराया। परवीन (60 किग्रा) ने दिन का सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए पोलैंड की विश्व मुक्केबाजी कप रजत पदक विजेता रायगेल्स्का अनेटा एल्ज़बिएटा को एक करीबी मुकाबले में हराकर रिंग में अपनी दमदार उपस्थिति का प्रदर्शन किया।
प्रीति (54 किग्रा) को ओलंपिक पदक विजेता और तीन बार की विश्व चैंपियन हुआंग सियाओ-वेन से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा, जबकि स्वीटी बोरा (75 किग्रा) का सामना ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रेट्री से होगा। नरिंदर और नवीन भी फाइनल में पहुँचने की कोशिश करेंगे। अभिनाश जामवाल अपने अभियान की शुरुआत यूक्रेन के एल्विन अलीयेव के खिलाफ करेंगे।
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