पहले ट्रांसफार्मरों के मीटर हाेंगे स्मार्ट इसके बाद उपभोक्ताओं की बारी

साढ़े तीन हजार कराेड़ की याेजना पर हाेगा इसी साल काम
रायपुर(realtimes) प्रदेश के सभी बिजली उपभाेक्ताओं के मीटर स्मार्ट हाेने वाले हैं। इसके लिए केंद्र सरकार के पास याेजना गई है, बस मंजूरी का इंतजार है, लेकिन इसके पहले ट्रांसफार्मरों के मीटराें काे स्मार्ट करने का काम हाेगा। इसके लिए छह साै कराेड़ का टेंडर भी हाे गया है। इसी के साथ प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार बिजली व्यवस्था को और ज्यादा मजबूत करने का भी काम करेगी। केंद्र सरकार काे भेजी गई याेजनाओं में से पहले चरण में साढ़े तीन हजार करोड़ की योजना को मंजूरी मिली है।
प्रदेश सरकार ने दो माह पहले कैबिनेट में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 12 हजार करोड़ की योजनाओं को मंजूरी दी। इसके बाद इनको केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया, क्योंकि अलग-अलग योजना में केंद्र सरकार से भी मदद मिलती है। दिल्ली में हुई मानिटरिंग कमेटी की बैठक मे पॉवर कंपनी के दो प्रस्ताव रखे गए जिनको प्रारंभिक तौर पर सहमति मिली। इसमें अभी साढ़े तीन हजार करोड़ की योजना पर मंजूरी मिलने के बाद इस पर काम प्रारंभ किया जा रहा है। स्मार्ट मीटर वाली योजना को अभी मंजूरी का इंतजार है।
लाइन लॉस कम करने की योजना
केंद्र सरकार के साथ प्रदेश का बिजली नियामक आयोग हर साल लाइन लॉस कम करने का एक लक्ष्य राज्यों की पॉवर कंपनियों को देता है। लाइन लॉस कम करने के लिए ज्यादा से ज्यादा लाइनों का विस्तार, ट्रांसफार्मर लगाने के साथ अन्य काम किए जाते हैं जिससे लाइन लॉस कम हो। इसके लिए हर साल योजना बनती है। इस बार इसके लिए पॉवर कंपनी ने करीब चार हजार करोड़ की योजना बनाई थी, जिसको दिल्ली में बैठक में रखा गया था। इस योजना के लिए साढ़े तीन हजार करोड़ की मंजूरी मिली। अब योजना में टेंडर किया गया है। दो तरह के टेंडर किए गए हैं। एक टेंडर में ट्रांसफार्मरों के खंबे में लगने वाले मीटरों का करीब 583.33 करोड़ का टेंडर है और दूसरा 2903 करोड़ का टेंडर दूसरे कामों का है। इसमें लाइनों का विस्तार होगा, ट्रांसफार्मर लगेंगे और सबसे अहम अटल ज्योति योजना में कृषि पंपों के फीडरों को अलग किया जाएगा ताकि कृषि पंपों को बिजली मिलने में परेशान न हो।
टेंडरों के सितंबर और अक्टूबर में खुलने के बाद इस साल के अंत में योजना में काम प्रारंभ होगा।



