भारत- ब्रिटेन के बीच हुआ समझौता ऐतिहासिक: गोयल

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि भारत-ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता ऐतिहासिक है। यह केवल एक आर्थिक साझेदारी नहीं बल्कि समृद्धि का एक साझा रोडमैप है। नए भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते के तहत 95 प्रतिशत से अधिक भारतीय कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात को ब्रिटेन में शुल्क-मुक्त पहुंच प्राप्त होगी।
केंद्रीय मंत्री गोयल ने भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में भारत और ब्रिटेन के बीच एक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह महत्वपूर्ण समझौता कई क्षेत्रों में अपार संभावनाओं के द्वार खोलता है। यह भारत द्वारा अब तक हस्ताक्षरित सबसे बड़ा और सबसे व्यापक व्यापार समझौता है, जो भारत की वैश्विक व्यापार साझेदारी के लिए एक नया मानक स्थापित करता है। इस समझौते ने न केवल भारतीयों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं, बल्कि उनके मूल हितों की भी रक्षा की है।
उदाहरण के लिए इस समझौते के तहत डेयरी क्षेत्र को संरक्षित रखा गया है। भारतीय किसानों और पशुपालन पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए शुल्क लगाए जाते रहेंगे। इसी प्रकार, घरेलू हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चावल और चीनी जैसी संवेदनशील वस्तुओं को भी टैरिफ रियायतों से बाहर रखा गया है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ये एफटीए अब भारत को पुन: एक बार विश्व के विकसित देशों के बीच व्यापार के अवसर दिलाएगा।
मंत्री गोयल ने कहा कि भारत का सेवा निर्यात लगातार बढ़ रहा है। अकेले ब्रिटेन में लगभग 1 लाख भारतीय पेशेवर अल्पकालिक कार्यों पर काम कर रहे हैं। अब तक उन्हें अपने वेतन का 25 प्रतिशत ब्रिटेन की सामाजिक सुरक्षा प्रणाली में जमा करना होता था, लेकिन इस नए समझौते के तहत, अल्पकालिक आधार पर काम करने वाले कर्मचारी अब भारत में ईपीएफओ के साथ भविष्य निधि के रूप में इस राशि का योगदान जारी रख सकते हैं। उनकी बचत सुरक्षित रहेगी, ब्याज मिलेगा और घर पर उनकी सेवानिवृत्ति के लिए योगदान में शामिल होगी। गोयल ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर सभी वीर और पराक्रमी सैनिकों को याद किया।



