तेलंगाना से अब बकाया पर कल पावर कंपनी करेगी आमने-सामने बैठकर पाई-पाई का हिसाब

रायपुर. लंबे इंतजार के बाद अब अंततः तेलंगाना की पावर कंपनी आमने-सामने बैठकर पाई-पाई का हिसाब करने के लिए तैयार हाे गई है। तेलंगाना पॉवर कंपनी के पांच अधिकारी आज यहां आ रहे हैं। यहां की पॉवर कंपनी ने भी पांच अधिकारियों की टीम बनाई है। अब दोनों टीमें कल आमने-सामने बैठकर हिसाब करेंगी। छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी का तेलंगाना बिजली कंपनी पर 36 साै करोड़ बकाया है, लेकिन तेलंगाना इतने का बकाया मानने ही तैयार नहीं है। ऐसे में अब पावर कंपनी ने तय किया है कि एक-एक पाई का हिसाब अब आमने सामने बैठकर किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी द्वारा लगातार बिजली देने के बाद भी वहां से नियमित भुगतान न हाेने की वजह से तेलंगाना पर सात सालों में 36 साै करोड़ का उधार चढ़ गया है, इसकाे लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है, क्योंकि तेलंगाना कंपनी यह मानने ही तैयार नहीं है कि बकाया 36 सौ करोड़ है। पहले उसने 15 सौ करोड़ का ही बकाया माना। इसके बाद तेलंगाना ने छह सौ करोड़ का और बकाया कबूल किया। कुल मिलाकर तेलंगाना की कंपनी 21 करोड़ का ही बकाया मान रही है। इसकी कुछ किस्त भी मिल गई हैं।
कांग्रेस सरकार आई ताे दिया बकाया ध्यान
जब प्रदेश में 2018 में कांग्रेस की सरकार बनी तो 2019 में कंपनी के नए अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार के निर्देश पर ध्यान दिया तो जानकारी हुई कि तेलंगाना पर तो दो हजार करोड़ से ज्यादा का बकाया हो गया है। इसके बाद इसकी वसूली के प्रयास प्रारंभ हुए। उस समय अध्यक्ष ने तेलंगाना का दौरा भी किया, वहां की पॉवर कंपनी के साथ सरकार से भी बात की। तब फैसला हुआ था कि तेलंगाना जितनी बिजली हर माह लेगा उसका भुगतान करने के साथ पुराना बकाया में से भी कुछ भुगतान करेगा। ऐसा कुछ समय हुआ भी, लेकिन यह सिलसिला ज्यादा नहीं चला और जहां पुराना बकाया नहीं मिला, वहीं बढ़कर 36 सौ करोड़ के पार हो गया। छत्तीसगढ़ राज्य वितरण कंपनी के एमडी मनोज खरे के मुताबिक तेलंगाना की पॉवर कंपनी ने पहले 15 सौ करोड़ ही बकाया होना स्वीकार करके किस्तों में भुगतान देना प्रारंभ किया है। हमने केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय को 36 सौ करोड़ का बकाया होने और इसका भुगतान न करने के लिए आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद अब तेलंगाना ने 600 करोड़ और देना कबूल किया है।



