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वन मंत्री केदार कश्यप ने बताया पक्षियों के संरक्षण हेतु महत्वपूर्ण पहल

 

रायपुर,20जनवरी 2026 बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य में छत्तीसगढ़ की पक्षी-विविधता का वैज्ञानिक आंकलन, नागरिक वैज्ञानिकों की भागीदारी को बढ़ावा देना और संरक्षण–उन्मुख दीर्घकालिक डाटा तैयार किया जा रहा है l बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य की पारिस्थितिकी इस अध्ययन के लिए विशेष रूप से अनुकूल मानी जा रही है l यहां घने वन, विस्तृत घासभूमियां, दलदली क्षेत्र और मिश्रित वुडलैंड जैसे विविध परिदृश्य मौजूद हैं, जिनमें प्रवासी और स्थानीय दोनों तरह की पक्षी प्रजातियां बड़ी संख्या में पाई जाती हैं l

बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य में 16 से 18 जनवरी 2026 तक आयोजित “बर्ड सर्वे 2026” का सफलतापूर्वक समापन हुआ। देश के 11 राज्यों महाराष्ट्र, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार, राजस्थान, केरल और कर्नाटक से आए प्रतिभागियों ने इस सर्वे में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।

यह सर्वे केवल अभ्यारण्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आसपास के कोठारी, सोनाखान एवं देवपुर परिक्षेत्रों में भी आयोजित किया गया। सर्वे संचालन को सुचारु रखने के लिए प्रतिभागियों को 27 अलग-अलग स्थानों पर ठहराया गया। लगभग 100 लोग , जिसमें 70 प्रतिभागी, 12 वॉलंटियर्स, विशेषज्ञ एवं फोटोग्राफर्स शामिल हैं जो इस अभियान का हिस्सा बने।

यह आयोजन “Birds & Wildlife of Chhattisgarh” के सहयोग और eBird के तकनीकी समर्थन के साथ किया गया। इससे सर्वे के दौरान एकत्र किए गए पक्षी संबंधी आंकड़े अंतरराष्ट्रीय डेटाबेस में दर्ज होंगे। प्रमुख विशेषज्ञों डॉ. हकीमुद्दीन एफ. सैफी, डॉ. जागेश्वर वर्मा, श्री मोहित साहू एवं श्री सोनू अरोरा के मार्गदर्शन में सर्वे को वैज्ञानिक विधि के अनुसार आगे बढ़ाया गया।

अब तक प्राप्त प्रारंभिक डेटा के अनुसार सर्वे में 202 पक्षी प्रजातियों का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। अंतिम संकलन के बाद यह संख्या और बढ़ने की संभावना है। विशेष रूप से बार-हेडेड गूज, ग्रे-हेडेड लैपविंग, पेरेग्रिन फाल्कन, ब्लू-कैप्ड रॉक थ्रश,यूरेशियन स्पैरोहॉक,ऑरेंज-ब्रेस्टेड ग्रीन पिजन जैसी उल्लेखनीय प्रजातियों का अवलोकन प्रतिभागियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।

गौरतलब है कि यह आयोजन अधीक्षक बारनवापारा अभ्यारण्य श्री कृषानू चन्द्राकार के नेतृत्व में संबंधित परिक्षेत्र अधिकारियों, प्रशिक्षु ए.सी. एफ., वनक्षेत्रपालों और वन विभाग के कर्मचारियों की सक्रिय टीम द्वारा सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया गया।

वनमंडलाधिकारी बलौदाबाजार धम्मशील गणवीर ने बताया कि बारनवापारा सेंट्रल छत्तीसगढ़ की समृद्ध जैव-विविधता का प्रतिनिधित्व करता है। इस सर्वे से प्राप्त आंकड़े भविष्य में अभ्यारण्य प्रबंधन एवं पक्षी संरक्षण योजनाओं के लिए अत्यंत उपयोगी होंगे।

वन मंत्री केदार कश्यप ने “बर्ड सर्वे 2026” को प्रदेश में जैव-विविधता संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन, और इको- पर्यटन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि बारनवापारा जैसे महत्वपूर्ण अभ्यारण्य में वैज्ञानिक सर्वेक्षण न केवल संरक्षण कार्यों को मजबूत बनाते हैं, बल्कि प्रदेश में बर्डिंग कल्चर को बढ़ावा देकर स्थानीय लोगों के लिए प्रकृति-आधारित रोजगार और पर्यटन के नए अवसर भी तैयार करते हैं।

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