पाकिस्तान चुनाव आयोग ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को दिया बड़ा झटका, आजीवन अयोग्य करार

पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अयोग्य घोषित करते हुए बड़ा झटका दिया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त के नेतृत्व में 5 सदस्यीय बेंच ने तोशेखाना मामले की सुनवाई करने के बाद 19 सितंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे आज शुक्रवार को सुनाया गया। आयोग के इस फैसले के बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रमुख इमरान खान देश की नेशनल असेंबली मेंबर भी नहीं रहे और ता-उम्र चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। माहौल खराब होने की आशंका को देखते हुए पाकिस्तान में एक हज़ार से अधिक पुलिस जवानों को तैनात किया गया है।
तोशेखाना मामला आखिर है क्या ?
पर्शियन भाषा से जुड़े शब्द तोशेखाना का मतलब है खजाना रखने वाला स्थान, जहां देश प्रमुख को मिलने वाले तोहफे और सम्मान संभाले जाते हैं। कई देश खजाना गृह भी कहते हैं। अधिकांश इस्लामिक देशों में इसे तोशेखाना कहा जाता है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ यह शब्द कैसे जुड़ा।
इमरान खान पर आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री रहते हुए उन्हें जो तोहफे अन्य देशों से मिले थे, उन्होंने अपने पास रख लिया या खुर्द-बुर्द कर दिया। इन तोहफों को उन्होंने सरकारी तोशाखाना में नहीं जमा कराया। ज्यादातर देशों में एहि नियम है।
साढ़े तीन साल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहते इमरान खान को करीब 14 करोड़ रुपये के 58 तोहफे मिले। इस मामले को लेकर विपक्ष का कहना है कि इमरान खान को जो तोहफे मिले उसे उन्होंने बाजार में अधिक कीमतों पर बेच दिया है।
विपक्षी दलों के कहने पर नेशनल असेंबली के अध्यक्ष राजा परवेज अशरफ ने इसका संज्ञान में लिया और चुनाव आयोग से इस मामले में दखल देने का आग्रह किया। उधर, इमरान खान ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि विपक्ष उनकी छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।



