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छत्तीसगढ़ में बच्चों की शिक्षा पर सरकार की सीधी नजर, रायपुर में स्थापित हुआ विद्या समीक्षा केंद्र

रायपुर. छत्तीसगढ़ में बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने और उनकी शैक्षणिक प्रगति पर सीधी नजर रखने के उद्देश्य से राजधानी रायपुर में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने रायपुर में “विद्या समीक्षा केंद्र” की स्थापना की है, जो न केवल स्कूली बच्चों के प्रदर्शन को मॉनिटर करेगा, बल्कि शैक्षिक योजनाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग और उनके प्रभावी कार्यान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

विद्या समीक्षा केंद्र: शैक्षिक गुणवत्ता की निगरानी के लिए एक नई पहल

विद्या समीक्षा केंद्र की स्थापना रायपुर के पेंशन बाड़ा में की गई है, जहां से शासकीय योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन और मॉनिटरिंग की जा सकेगी। इस केंद्र के माध्यम से राज्य के सभी स्कूलों और उनमें पढ़ने वाले बच्चों के प्रदर्शन का रीयल-टाइम डेटा उपलब्ध होगा। आईआईटी भिलाई के सहयोग से सॉफ्टवेयर और मोबाइल ऐप विकसित किए गए हैं, जो इस प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाएंगे।

डिजिटल मॉनिटरिंग और एआई का उपयोग

विद्या समीक्षा केंद्र में एआई (Artificial Intelligence) का व्यापक उपयोग किया गया है, जिससे न केवल स्कूली भवन, शौचालय, और विद्युत व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाओं की निगरानी की जा सकेगी, बल्कि बच्चों को मिलने वाले मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और उसकी पर्याप्तता का भी विश्लेषण किया जा सकेगा। एआई आधारित मॉड्यूल के माध्यम से कमजोर विद्यार्थियों की पहचान की जाएगी और उनके शैक्षिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

शिक्षकों और शालाओं की रैंकिंग

विद्या समीक्षा केंद्र के तहत, शिक्षकों और स्कूलों की स्थिति की भी मॉनिटरिंग की जाएगी। शिक्षकों की उपस्थिति, प्रशिक्षण, और विद्यार्थियों के साथ उनकी इंटरैक्शन का डेटा इकट्ठा कर, उनका विश्लेषण किया जाएगा। एआई आधारित विश्लेषण के आधार पर शालाओं की रैंकिंग की जाएगी, जिससे शैक्षिक मानकों को और भी ऊंचा उठाया जा सकेगा।

राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ के प्रयासों की सराहना

एनसीईआरटी द्वारा 12-13 अगस्त 2024 को नई दिल्ली में आयोजित कार्यशाला में छत्तीसगढ़ द्वारा विकसित एआई-मॉड्यूल की जीवंत प्रस्तुति दी गई थी। इस प्रस्तुति को भारत सरकार और शिक्षा मंत्रालय ने विशेष सराहना दी। छत्तीसगढ़ के इस एआई-मॉड्यूल को राष्ट्रीय स्तर पर अन्य राज्यों के साथ साझा करने के लिए भी कहा गया है, जिससे इसे और भी व्यापक रूप से लागू किया जा सकेगा।

टोल-फ्री नंबर और कॉल सेंटर की सुविधा

विद्या समीक्षा केंद्र के अंतर्गत एक कॉल सेंटर भी स्थापित किया जा रहा है, जहां से विद्यार्थियों, पालकों और शिक्षकों की शैक्षिक समस्याओं का समाधान किया जाएगा। इसके अलावा, एक टोल-फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा, जिससे सभी संबंधित पक्षों को सुविधा हो और वे अपनी शैक्षिक गतिविधियों से संबंधित समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकें।

छत्तीसगढ़ में यह नई पहल राज्य के शिक्षा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगी, जिससे बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा और राज्य के शैक्षिक मानकों को ऊंचा उठाने में मदद मिलेगी।

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