खास खबर:नहीं लगेगा महंगी बिजली का झटका, पुराना टैरिफ ही होगा वापस लागू, 31 को होगा ऐलान

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी को नए सत्र 2023-24 में बिजली बेचने से पौने चार हजार करोड़ का फायदा होगा, लेकिन इसी के साथ कंपनी को 2021-22 के सत्र में अनुमानित राजस्व से छह हजार करोड़ कम मिले हैं। ऐसे में कंपनी के लेखा-जोखा में नए सत्र में करीब पौने 24 सौ करोड़ का घाटा हो रहा है, पर इसके बाद भी कंपनी ने नए सत्र में बिजली का टैरिफ न बदलने का फैसला करते हुए बिजली नियामक आयोग में याचिका दायर की। जनसुनवाई के बाद अब नियामक आयोग में नए टैरिफ को लेकर कवायद चल रही है। लगभग काम पूरा हो चुका है। 31 मार्च को नए टैरिफ का ऐलान करने की तैयारी है। संभावना यही है कि एक लाइन का आदेश निकलेगा कि पुराना टैरिफ यथावत रहेगा।
पावर कंपनी हर साल दिसंबर में बिजली नियामक आयोग को आगामी साल के खर्च और कमाई का पूरा लेखा-जोखा देकर याचिका लगाती है। इसके आधार पर ही आयोग जनसुनवाई के बाद तय करता है कि बिजली की कीमत में कितना इजाफा होगा और टैरिफ क्या होगा। कई सालों तक पॉवर कंपनी समय पर याचिका ही नहीं लगा रही थी। इस बार कंपनी ने समय से पहले ही याचिका लगा दी। इसके पीछे का कारण जानकार यह बता रहे हैं कि इस साल विधानसभा के चुनाव होने हैं, ऐसे में इस बार बिजली की कीमत में इजाफा नहीं होगा। जब से छत्तीसगढ़ राज्य अलग बना है, चुनावी साल में कभी भी बिजली की कीमत नहीं बढ़ी है।
ये है पूरा लेखा-जोखा
पावर कंपनी ने बिजली नियामक आयोग को जो लेखा-जोखा भेजा है, उसमें बताया गया है कि नए सत्र में 63 लाख उपभोक्ताओं को बिजली दी जाएगी। बिजली आपूर्ति करने के लिए औसत 3.71 रुपए की दर से 4083 करोड़ यूनिट बिजली की खरीदी की जाएगी। इसकी अनुमानित लागत 15179 करोड़ होगी। पॉवर कंपनी ने जहां अपना खर्च 15581 करोड़ बताया है, वहीं मिलने वाला राजस्व 19334.17 करोड़ बताया है। ऐसे में खर्च काटने के बाद कंपनी को 3763.03 करोड़ का फायदा होगा। इसी के साथ कंपनी ने यह बताया है कि 2021-22 के राजस्व की अंतर की राशि 6134.77 करोड़ है। ऐसे में कंपनी को 2371.73 करोड़ का राजस्व कम पड़ेगा। इतना होने के बाद भी कंपनी ने यह भी बताया है कि बिजली सप्लाई दर चालू वित्त वर्ष की तरह की 6.22 रुपए आ रही है। ऐसे में बिजली के टैरिफ में कोई भी बदलाव करने की जरूरत नहीं है। जनसुनवाई में भी सभी वर्गों ने टैरिफ में बदलाव न करने की मांग रखी है। अब सभी पक्षों पर विचार करने के बाद आयोग टैरिफ पर फैसला करेगा।



