केरल के मंदिरों में RSS बैन

नई दिल्ली. केरल में मंदिरों का संचालन करने वाले त्रावणकोर देवासम बोर्ड यानी कि टीडीबी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ एक सर्कुलर जारी किया है. आदेश के तहत अब मंदिर परिसर में आर एस एस सामूहिक अभ्यास और अन्य गतिविधियां नहीं चला सकेगी. सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि इसका सख्ती से पालन न करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
देवासम बोर्ड के सर्कुलर के बाद यहाँ की सियासत गरमा गई है. केरल बीजेपी के नेताओं ने इसे लेफ्ट और कांग्रेस का जिहादी एजेंडा करार दिया है. आरोप लगाया है कि मंदिरों पर कब्जे की साजिश है.
जानकारी के मुताबिक टीडीबी बोर्ड 12 सौ से ज्यादा मंदिरों का प्रबंधन करता है. बोर्ड ने सबसे पहले 30 मार्च 2021 में भी सर्कुलर जारी कर मंदिर परिसरों में पूजा अनुष्ठान के अलावा किसी भी तरह के राजनीतिक आयोजन नहीं किए जाने का निर्देश दिया था. इधर नया निर्देश 18 मई को इसलिए जारी किया गया है क्योंकि बोर्ड को पता चला था कि राज्य के कुछ मंदिरों में आदेश के बाद भी आरएसएस के इवेंट हो रहे थे. ऐसे में अब आरएसएस की शाखा हथियार प्रशिक्षण और अभ्यास पर रोक लगा दी गई है. आम लोगों से भी कहा गया है कि मंदिर में आरएसएस या अन्य संगठन या किसी राजनीतिक दल के द्वारा अन्य आयोजन होते तो इसकी सूचना बोर्ड को दें. केरल में मंदिरों का मैनेजमेंट करने वाले त्रावणकोर देवासम बोर्ड ने सभी मंदिरों के लिए जो सर्कुलर जारी किया है उसमें कहा गया है कि मंदिरों में सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान ही कराएं. किसी भी राजनीतिक गतिविधि या आरएसएस की शाखा को इजाजत नहीं दी जाए.
सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि आदेश का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. त्रावणकोर देवासम बोर्ड ने अधिकारियों को इस तरह की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के लिए कदम उठाने और मुख्यालय को रिपोर्ट करने के लिए भी कहा है. सर्कुलर के मुताबिक अगर इसके बाद भी मंदिरों में ऐसे आयोजन होते हैं तो आप लोग भी बोर्ड में शिकायत कर सकते हैं बोर्ड के सर्कुलर के बाद केरल की सियासत गरमा गई है.



