एफपीपीएएस के नए फार्मूले में भी वीसीए की तरह चार सौ यूनिट तक लगेंगे आधे पैसे

रायपुर(realtimes) प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं से लिया जाने वाला वीसीए अब बंद कर दिया गया है। केंद्रीय सरकार के निर्देश पर छत्तीसगढ़ राज्य बिजली नियामक आयोग ने अब उत्पादन लागत के अंतर की राशि को उपभोक्ताओं से वसूलने के लिए नया फार्मूला फ्यूल पॉवर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) लागू कर दिया है। नए फार्मूले के हिसाब से ऊर्जा प्रभार में प्रतिशत के हिसाब से शुल्क लिया जाएगा। ऐसे में घरेलू उपभोक्ताओं को चार सौ यूनिट तक एफपीपीएएस के शुल्क में वीसीए की तरह ही लाभ मिलेगा और आधे पैसे लगेंगे। चार यूनिट से ज्यादा में पूरे पैसे देने होंगे, जिस तरह से वीसीए में होता था।
प्रदेश की कांग्रेस सरकार घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को चार सौ यूनिट बिजली की खपत पर बिजली बिल हॉफ करती है। इसमें टैरिफ से साथ वीसीए को मिलाकर बिल आधा किया जाता है। अब वीसीए के फार्मूले में बदलाव किया गया तो उपभोक्ताओं के मन में शंका है कि उनको वीसीए की तरह नए फार्मूले में फायदा मिलेगा या नहीं। इस मामले में हरिभूमि ने बिजली नियामक आयोग के साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी के अधिकारियों से बात की तो उन्होंने बताया, जो भी फायदा उपभोक्ताओं को राज्य सरकार की तरफ से दिया जा रहा है, उसमें कोई कटौती नहीं होगी और उनको फायदा मिलेगा।
सॉफ्टवेयर में करना पड़ेगा बदलाव
पॉवर कंपनी को वीसीए की तरह ही एफपीपीएएस में भी अलग-अलग हिसाब करना होगा। इसके लिए सॉफ्टवेयर में भी बड़ा बदलाव करना पड़ेगा। इसमें ऊर्जा प्रभार पर खपत के हिसाब से जिस भी प्रतिशत से शुल्क लिया जाएगा, उसमें चार सौ यूनिट तक खपत करने वालों को लेकर तो कोई परेशानी नहीं होगी, लेकिन चार सौ यूनिट से ज्यादा खपत करने वालों के लिए अलग हिसाब बनाना होगा। पहले चार सौ यूनिट में शुल्क को आधा करने के बाद बाकी यूनिट में पूरा शुल्क जोड़कर ही बिलिंग करनी होगी।
अप्रैल से लागू होगा नया फार्मूला
नए फार्मूले को नए सत्र अप्रैल से लागू किया जा रहा है। अब तक उपभोक्ताओं से दिसंबर तक का वीसीए लिया जा चुका है। जनवरी, फरवरी और मार्च के वीसीए को न लेकर इनको टैरिफ में टू अप यानी उसमें समायोजित किया जाएगा। अप्रैल में जो भी उत्पादन लागत ज्यादा आएगी, उसको मई के बिल में उपभोक्ताओं से वीसीए के स्थान पर एफपीपीएएस नाम से कालम प्रारंभ करके लिया जाएगा। मई का बिल जून में आएगा। इसके बाद नियमित रूप से हर माह की राशि की गणना करके वीसीए की तरह ही उपभोक्ताओं से टैरिफ के अतिरिक्त यह राशि ली जाएगी।



