उपभोक्ताओं को महंगी बिजली का एक और झटका - realtimes
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उपभोक्ताओं को महंगी बिजली का एक और झटका

रायपुर(realtimes) महंगाई की मार से त्रस्त आम आदमी काे कहीं भी राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। लगातार राज्य और केंद्र सरकार की तरफ से महंगाई के झटके लग रहे हैं। इसी कड़ी में अब प्रदेश के हर वर्ग के बिजली उपभाेक्ताओं काे महंगी बिजली का एक और झटका लग गया है। पिछले माह ही वीसीए में 23 पैसों का इजाफा हुआ है, अब विद्युत शुल्क में भी इजाफा होगा। इसके विधेयक को राज्यपाल से मंजूरी मिल गई है। अब राजपत्र में प्रकाशन के बाद यह अक्टूबर से लागू हो जाएगा। चार सौ यूनिट तक खपत करने वालों को घेरलु बिल में अब 61 रुपए ज्यादा लगेंगे। गैर घरेलु उपभोक्ताओं को पांच फीसदी ज्यादा शुल्क लगेगा। इनको अभी पांच हजार के बिल में जो 600 रुपए लगते थे, वो अब 850 रुपए लगेंगे।

प्रदेश के घरेलु बिजली उपभोक्ताओं को अब तक विद्युत शुल्क के रूप में बिल पर 8 फीसदी शुल्क देना पड़ता है। इसमें तीन फीसदी का इजाफा करके इसको 11 फीसदी और गैर घरेलु उपभोक्ताओं का जिसमें व्यापारिक संस्थान और अन्य उपभोक्ता आते हैं, उनका 12 फीसदी के स्थान पर 17 फीसदी विद्युत शुल्क कर दिया गया है। सीमेंट उद्योगों की कैप्टिव माइंस के लिए यह 15 से बढ़ाकर 21 फीसदी, गैर सीमेंट खदानों में शुल्क 56 फीसदी हाे जाएगा।
यह है शुल्क का गणित
विद्युत शुल्क पूरे बिल पर लगता है। इसमें टैरिफ के साथ फिक्स चार्ज, वीसीए और सेस शामिल है। घरेलु उपभोक्ताओं के चार सौ यूनिट का बिल अगर काउंट करें तो पहले सौ यूनिट के 370, दूसरे के 390 और इसके बाद के दो सौै यूनिट के 5.30 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से 1060 रुपए होते हैं। टैरिफ का कुल शुल्क 1820 रुपए होता है। इसमें 20 रुपए फिक्स चार्ज, दस पैसे प्रति यूनिट पर सेस के हिसाब से 40 रुपए और 42 पैसे प्रति यूनिट पर वीसीए के 168 रुपए को मिलाकर कुल बिल 2048 रुपए का होता है। अब इसी बिल पर इस समय जो 8 प्रतिशत शुल्क लगता है वह 11 फीसदी लगेगा। अभी चार सौ यूनिट पर 164 रुपए लगते हैं वो अब 225 रुपए लगेंगे। विद्युत शुल्क जोड़ने के बाद ही घरेलु उपभोक्ताओं काे 400 यूनिट में मिलनी वाली छूट को घटाकर बिल बनाया जाता है। गैर घरेलु उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलता है।
गैर घेरलु को ज्यादा फटका
गैर घरेलु उपभोक्ताओं का शुल्क पांच फीसदी बढ़ा है। इस वर्ग के उपभोक्ताओं को पहले तीन हजार के बिल पर जो 360 रुपए लगते थे वो अब 510 रुपए लगेंगे। यानी 150 रुपए ज्यादा लगेंगे। जितना बिल बढ़ते जाएगा, उसके हिसाब से शुल्क भी ज्यादा लगेगा। अगर किसी उपभोक्ता का बिल दस हजार है तो उसे अभी 12 सौ लगते हैं, लेकिन अब ये 17 सौ हो जाएंगे। यानी पांच सौ का इजाफा होगा।

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