
रायपुर(realtimes) देश भर में यह समय वाहन बाजार में इलेक्ट्रिक कारों का है। ऐसे में इससे भला अपना राज्य कैसे अछूता रह सकता है। देर से ही सही अब ताे अपने राज्य की सरकार ने भी सब्सिडी देने का ऐलान कर दिया है। इसके बाद से ई-काराें की तरफ लगातार लाेगाें का रुझान बढ़ रहा है। ये कारें लोगों को बहुत पसंद आ रही हैं। लेकिन एक सबसे बड़ी समस्या इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर है। इसके अभाव में लोग लंबी दूरी की यात्रा से जहां वंचित हो रहे हैं। आने वाले समय में इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के बाद पेट्रोल, डीजल वाहनों का चलन कम हो जाएगा।
अपने राज्य में भी इलेक्ट्रिक कारों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। राजधानी रायपुर के साथ प्रदेश के कई शहरों में सैकड़ों कारें चल रही हैं। हालांकि अभी कारों की कीमत ज्यादा हाेने के कारण ज्यादा लोग इन कारों को नहीं ले हे हैं। आने वाले समय में जब ये कारें दस लाख के अंदर आने लगेगी तो इसको लेने वालों की संख्या में भी भारी इजाफा होगा।
महाबचत वाली कार
रायपुर के वेटनरी डॉक्टर दंपति समीर और संध्या शर्मा ने टाटा की नेक्सन इनेक्ट्रिक कार ली है। इसका उपयोग यह दंपति करीब छह माह से कर रही है। इनका कहना है, इस कार के उपयोग से उनका खर्च बहुत कम हो गया है। पहले रोज चार से पांच सौ रुपए का पेट्रोल उनकी नैनो कार में लग जाता था, लेकिन अब महज सौ रुपए से भी कम खर्च में रोज सौ किलोमीटर का सफर तय हो जाता है। रायपुर के वकील राहुल श्रीवास्तव ने भी टाटा की नेक्सन इलेक्ट्रिक कार ली है। उनका कहना है, इलेक्ट्रिक कारें पेट्रोल कारों का अच्छा विकल्प हैं। लेकिन अभी समस्या यह है कि इन कारों की कीमत ज्यादा है। इसकी कीमत कम होने पर इसका उपयोग ज्यादा लोग करेंगे। इसी के साथ कार की बैटरी पर भी काम होना चाहिए अभी कहा जाता है 312 किलोमीटर एक चार्ज पर चलेगी, लेकिन 220 किलोमीटर ही चलती है। सरकार की सब्सिडी के कारण कारों का क्रेज बढ़ रहा है।
चार्जिंग स्टेशन हाेने चाहिए
भिलाई के कारोबारी अविनाश राज मिश्रा इस साल मार्च से ही टाटा की नेक्सन चला रहे हैं। वे अपने अनुभव साझा करते हुए कहते हैं, पहले मैं बीएमडब्ल्यू चलता था, लेकिन अब यह इलेक्ट्रिक कार चल रहा हूं। इसमें संदेह नहीं है कि कार बहुत अच्छी है और टाटा ने कम कीमत पर अच्छी कार बनाई है। श्री मिश्रा का कहना है, अपने राज्य में कारें तो बिक रही हैं, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है। इसको दूर करना जरूरी है। अभी इलेक्ट्रिक कार से ज्यादा दूरी तक जाना संभव नहीं है। अगर पूरे प्रदेश के शहरों में चार्जिंग स्टेशन हो जाएंगे तो लंबी दूरी तक जाना संभव होगा।



