
रायपुर(realtimes) कोरोना के चलते पहले आटोमोबाइल्स सेक्टर में सेमीकंडक्टर की कमी के कारण कारों की लंबी वेटिंग लिस्ट थी, लेकिन अब सेमीकंडक्टर का संकट कम हो गया है तो डिमांड इतनी ज्यादा होने से चार पहिया वाहनों की बिक्री की रफ्तार बिगड़ गई है। यही वजह है कि एसयूवी टाइप किसी भी ब्रांड की कोई भी कार ऑन डिमांड नहीं मिल रही है। लेकिन 5 से 8 लाख तक की कम बजट वाली कारें वो जरूर आन डिमांड मिल रही हैं।
आजकल जो भी कारें बन रही हैं, वे सब बीएस- 6 बन रही हैं। इसमें हाईटेक फीचर रहते हैं। इनके लिए सेमीकंडक्टर जरूरी होता है।सेमीकंडक्टर का मतलब अर्धचालक होता है और इसका इस्तेमाल करंट को नियंत्रित करने में किया जाता है। मौजूदा समय में जितनी भी कारें बाजार में आ रही हैं, उन सभी में सेमीकंडक्टर का इस्तेमाल किया जाता है। इनका इस्तेमाल करंट को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। इनके बगैर मौजूदा कारों की कल्पना करना बेकार है, क्योंकि ये न हों तो कार में हाईटेक फीचर्स का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। कारों को चलता-फिरता कंप्यूटर बनाने में सेमीकंडक्टर की अहम भूमिका है। इसकी कमी के चलते ही पिछले दो साल से कारों की सप्लाई प्रभावित रही है। लेकिन अब सप्लाई तो सामान्य हो गई है, लेकिन अब डिमांड ज्यादा हो गई है।
एसयूवी का क्रेज ज्यादा
बहुत सी ऐसी कंपनियां हैं जो एसयूवी टाइप की गाड़ियां बनाती हैं। इस गाड़ी को बनाने का मकसद यह था कि यह किसी भी परिस्थिति में और कहीं पर भी चलाई जा सकती है। जैसे शहरों की रोड पर, हाईवे पर, फॉरेस्ट के रोड पर, फॉर्म लैंड मैं चला सकते हैं। यह गाड़ी सामान्य कारों की अपेक्षा थोड़ी महंगी होती है यह इस कार को सामान्य कारों की अपेक्षा अधिक हॉर्स पावर का बनाया गया है आज के समय में एसयूवी श्रेणी के मॉडल बहुत ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं। यही वजह है कि इनकी डिमांड ज्यादा होने से इन कारों में लंबी वेटिंग है।
इन मॉडल्स के लिए लंबा इंतजार
देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों में शुमार महिंद्रा एंड महिंद्रा की थार जीप इस लिस्ट में नंबर एक पर है। स्वदेशी वाहन निर्माता की सेकंड जनरेशन थार को भारत में 2020 में लांच किया गया था, तब से ही इस जीप के चाहने वाले बेहद बढ़ गए हैं। प्रदेश के वाहन डीलरों का कहना है, छत्तीसगढ़ में 8 माह से पहले इसके मिलने की संभावना नहीं है। इसी के साथ महिंद्रा की ही एक्सयूवी 700 में छह माह की वेटिंग है। स्कॉर्पियो में पांच माह, होंडा की क्रेटा कार, निशान की मैग्नाइट, मारुति की बेंजा में 2 से 3 माह की वेटिंग है। जहां तक ऑन डिमांड कारों का सवाल है तो मारुति की ऑल्टो 800, वैगनआर सहित रेनेटो, निशान, स्विफ्ट, टाटा के 5 से 8 लाख तक की कारें आसानी से मिल रही है।



