खास खबर: अपनी बिजली 26 करोड़ सस्ती, पर एनटीपीसी की 459 कराेड़ महंगी, इसलिए पहली बार वीसीए 1.10 रुपए

रायपुर। प्रदेश के इतिहास में पहली बार वीसीए का 1.10 रुपए हो गया है। इसके पीछे का कारण पॉवर कंपनी के अधिकारी यह बता रहे हैं कि जहां छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर उत्पादन कंपनी की बिजली सस्ती है, वहीं एनटीपीसी और अन्य से ली जाने वाली बिजली विदेशी कोयले के कारण बहुत महंगी हो गई है। इस समय पॉवर कंपनी को एनटीपीसी को 230 करोड़ हर माह अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है जिसके कारण वीसीए का शुल्क बढ़ा है।
प्रदेश में बिजली की खपत की पूर्ति करने के लिए पॉवर कंपनी अपने प्लांटों के साथ एनटीपीसी और अन्य निजी कंपनियों से भी बिजली लेती है। प्रदेश में बिजली की खपत तीन से चार हजार मेगावाट के आस-पास रहती है। यह खपत गर्मी में पांच हजार मेगावाट के भी पार हो जाती है। इस समय ठंड के कारण खपत कम है। कंपनी के अपने संयंत्रों की उत्पादन क्षमता 2980 मेगावाट है, लेकिन आमतौर पर दो हजार से 22 सौ मेगावाट ही अपना उत्पादन होता है। बाकी बिजली बाहर से लेकर पूर्ति की जाती है।
विदेशी कोयले से बढ़ी लागत
पॉवर कंपनी जो बिजली बाहर से लेती है, उसके लिए बिजली नियामक आयोग एक दर तय करती है, उसी दर पर बिजली ली जाती है, लेकिन इस साल अगस्त से एनटीपीसी से ली जाने वाली बिजली आयोग द्वारा तय दर से ज्यादा कीमत पर मिल रही है। इसके पीछे का कारण पॉवर कंपनी के यह अधिकारी यह बताते हैं कि केंद्र सरकार द्वारा पॉवर प्लांटों को भी विदेशी कोयला अनिवार्य रूप से उपयोग करने की शर्त रखे जाने के कारण उत्पादन लागत बढ़ गई है।
किसकी बिजली कितनी महंगी
पॉवर कंपनी से मिली जानकारी के मुताबिक एनटीपीसी से अब तक जो बिजली हर माह लेते थे, उसके लिए चार से साढ़े सौ करोड़ रुपए लगते थे, लेकिन अगस्त से इसमें लगातार इजाफा हो रहा है। इस समय हर माह 230 करोड़ रुपए ज्यादा देने पड़े रहे हैं। दो माह के लिए 459 करोड़ ज्यादा लग रहे हैं। इसी तरह से दो माह के लिए सीएसपीजीसीएल (नवीकरणीय स्त्रोत) 18.79 करोड़, अन्य (बायोमास, सौर, लघु जल, नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र आदि) 92.00 करोड़ ज्यादा देने पड़ रहे हैं। जहां तक कंपनी के अपने उत्पादन प्लांटाें की बिजली की सवाल है तो उसके लिए दो माह में 26.51 करोड़ कम देने पड़ रहे हैं।
तीसरी बार बढ़ा वीसीए
इस साल चार माह में तीसरी बार वीसीए बढ़ा है। जुलाई तक वीसीए 19 पैसे था। अगस्त और सितंबर के लिए 23 पैसे बढ़ाए गए तो वीसीए 42 पैसे हो गया। इसके बाद सितंबर और अक्टूबर के लिए 19 पैसे बढ़े तो वीसीए 61 पैसे हो गया। अब दिसंबर और जनवरी के लिए वीसीए 49 पैसे बढ़ा है तो वीसीए 1.10 रुपए हो गया है। इसके पहले कभी भी वीसीए 51 पैसे से ज्यादा नहीं रहा है।



