Arpita Sarkar Arrest: आतंकी मॉड्यूल में फंसी इन्फ्लुएंसर गिरफ्तार - realtimes
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Arpita Sarkar Arrest: आतंकी मॉड्यूल में फंसी इन्फ्लुएंसर गिरफ्तार

रांची। Arpita Sarkar Arrest पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने झारखंड के साहिबगंज से 22 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल के मामले में गिरफ्तार मोहम्मद हमीम मंडल से पूछताछ के बाद की गई। अदालत ने अर्पिता को 13 दिन की एसटीएफ हिरासत में भेजा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि वह हमीम के संपर्क में थी और कथित मॉड्यूल के निर्देशों के तहत कुछ गतिविधियों में शामिल थी। इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही होगी।

इंस्टाग्राम चैट बनी जांच का आधार

एसटीएफ West Bengal Special Task Force के अनुसार, हमीम मंडल और अर्पिता सरकार के बीच हुई इंस्टाग्राम चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई। एजेंसी का दावा है कि दोनों के बीच लगातार संपर्क था और बातचीत से कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। जांचकर्ता अब मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की फोरेंसिक जांच कर रहे हैं।

चार साल पुरानी पहचान, हाल में बढ़ा कथित संपर्क

Arpita Sarkar Arrest: जांच के मुताबिक, अर्पिता और हमीम की पहचान करीब चार वर्ष पहले इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच निजी संबंध बने। एसटीएफ का कहना है कि कथित पाकिस्तानी हैंडलरों से उनका संपर्क हाल के महीनों में स्थापित हुआ। एजेंसी का आरोप है कि इसके बाद अर्पिता भी कथित तौर पर विदेशी हैंडलरों से निर्देश लेने लगी थी।

मंत्री के बेटे को निशाना बनाने का आरोप

एसटीएफ ने दावा किया है कि जांच के दौरान ऐसे इनपुट मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि पश्चिम बंगाल के एक मंत्री के बेटे को कथित हनीट्रैप में फंसाने की कोशिश की जा रही थी। फिलहाल एजेंसी इस पहलू की भी डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। इस संबंध में अभी कोई न्यायिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

कौन है अर्पिता सरकार?

झारखंड के साहिबगंज जिले के बरहरवा की रहने वाली अर्पिता सरकार बीएसके कॉलेज से अंग्रेजी ऑनर्स में स्नातक है। वह सोशल मीडिया पर बाइक राइड और ट्रैवल से जुड़े वीडियो साझा करने के कारण अच्छी-खासी पहचान रखती थी। अब जांच एजेंसियां उसकी ऑनलाइन गतिविधियों और संपर्कों की विस्तार से पड़ताल कर रही हैं।

एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए कथित नेटवर्क

एसटीएफ का दावा है कि कथित नेटवर्क व्हाट्सएप, टेलीग्राम, एलिमेंट एक्स और सेशन जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करता था। एजेंसी ने चार संदिग्ध विदेशी हैंडलरों की पहचान होने का दावा किया है और उनके पाकिस्तान स्थित नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई है। जांचकर्ताओं के अनुसार, इन माध्यमों से युवाओं तक कट्टरपंथी सामग्री पहुंचाने और उन्हें प्रभावित करने की कोशिश की गई।

जांच अभी जारी

एसटीएफ के आईजी गौरव शर्मा के अनुसार, मामला अभी शुरुआती चरण में है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संदिग्धों के विदेशी संपर्क कैसे बने, उन्हें किस प्रकार के निर्देश दिए जाते थे और इस पूरे नेटवर्क का विस्तार कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के साथ इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की भी संभावना जताई गई है।

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