रमन काे टुटेजा ने पत्र लिखकर कहा, मुझे आपकी सरकार ने क्लीन चिट दी थी, आप आरोपी बता रहे

रायपुर(realtimes) आईएएस अनिल टुटेजा ने रमन सिंह को पत्र लिखकर अपने पर लगाए गए आरोपों का दस्तावेजों के जरिए जवाब दिया है। उनका रमन सिंह काे कहना है, आपकी सरकार ने मेरे कार्यकाल में अमानक चावल संग्रहण, और 5 करोड़ के नुकसान के एसीबी के मुख्य आरोपों को खारिज किया था, और मुझे क्लीन चिट दी थी, लेकिन अब आप ही मुझे लगातार आरोपी बता रहे हैं। अब यह जरूरी है कि मेरे विरूद्ध निरंतर लगाये जा रहे निराधार आरोपों पर अपना पक्ष भी सबके सामने रखूं।
श्री टुटेजा ने अपने पत्र में ब्यौरा देते हुए कहा, कथित नान घोटाले की जांच के बाद रायपुर के विशेष न्यायालय के समक्ष मेरे सहित 16 आरोपियों के विरुद्ध 6 जून 2015 को एसीबी द्वारा प्रस्तुत चालान में मुख्यत: तीन आरोप लगाए गए थे. इसमें नान में मात्र 8 माह के (जुन 2014 से फरवरी 2015) कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार का नवीन तंत्र विकसित हुआ. जिसके तहत राज्य में लाखों क्विंटल अमानक चावल का संग्रहण एवं वितरण किया गया. चावल और नमक के अनावश्यक अंतर जिला परिवहन में नान को 5.18 करोड़ की क्षति हुई। लाखों क्विंटल अमानक चावल के बदले राइस मिलरों से एकत्र अवैध राशि में मुझे भी हिस्सा प्राप्त होता था। उन्होंने कहा कि एसीबी ने बड़ी मात्रा में अमानक चावल के संग्रहण एवं नान को 5 करोड़ की क्षति होने के संबंध में नान प्रबंधन अथवा शासन के खाद्य विभाग से पूछने की आवश्यकता नहीं समझी तथा चावल के मापदंडों की कोई जानकारी न होने के बाद भी अमानक चावल के संग्रहण के काल्पनिक आरोप लगाएएए।
श्री टुटेजा ने कहा कि आपकी सरकार ने अमानक चावल संग्रहण एवं 5 करोड़ की क्षति के बारे में जो उच्च न्यायालय तथा विधानसभा में जो जानकारी दी थी, जिसमें राज्य में कही भी अमानक चावल संग्रहित नहीं करने और नमक के अनावश्यक परिवहन में कोई क्षति नहीं होने की बात कही गई थी। इसके अलावा राज्य में कही भी अमानक चावल संग्रहण एवं वितरण की कोई शिकायत प्राप्त नहीं होने की बात कही गई थी। यही नहीं नान द्वारा 6 जून 2016 को सूचना के अधिकार अंतर्गत दी गई जानकारी में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2014-15 में खाद्यान्नों के संग्रहण, परिवहन एवं वितरण में कोई क्षति नहीं हुई है। उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिकाओं में नान घोटाले की जांच सीबीआई/एसआईटी द्वारा कराये जाने की मांग पर आपकी सरकार की ओर से दिए गए 30 अगस्त 2016 को दिए जवाब में बताया गया था कि विगत 12 वर्षों से भी अधिक अवधि से राज्य का पीडीएएस देश के लिये मॉडल है, टाइम टेस्टेड तथा एफिसियेन्ट है। नान में हुए कथित घोटाले का आरोप काल्पनिक, राजनीति प्रेरित, तथा अटकलों पर आधारित है। वास्तव में ऐसा कोई घोटाला हुआ ही नहीं है। इससे स्वत: सिद्ध है कि आपकी सरकार ने मेरे कार्यकाल में बडी मात्रा में अमानक चावल संग्रहण और 5 करोड़ की क्षति के एसीबी के मुख्य आरोपों को सिरे से खारिज किया जा चुका था तथा मुझे क्लीन चिट दी जा चुकी थी।



