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शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण पर अस्थायी रोक

फेडरेशन के दबाव में रद्द, कर्मचारियों की एकता की जीत -कमल वर्मा

शिक्षक कर रहे थे भारी विरोध
रायपुर( realtimes )  छत्तीसगढ़ में सरकारी शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के फैसले पर सरकार ने ही अस्थायी रोक लगा दी है। खास बात ये है कि सरकार के इस कदम को लेकर शिक्षकों और कर्मचारियोंं के संगठन भारी विरोध कर रहे थे। इस संबंध में एक दिन पहले सचिव स्तरीय बैठक बेनतीजा रही थी। हालांकि अस्थायी रोक संबंधी फिलहाल आदेश की प्रति नहीं मिली है। लेकिन अधिकारी शिक्षक नेता संजय शर्मा और कर्मचारी नेता कमल वर्मा ने रोक लगाए जाने की जानकारी मिलने की बात कही है।

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने राज्य शासन द्वारा शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण करने के आदेश को रद्द किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह फेडरेशन और शिक्षक के सभी संगठनों के एकता का परिणाम है। उन्होंने कहा, फेडरेशन के दबाव में शासन को अपना आदेश रद्द करना पड़ा। उन्होंने इसका स्वागत करते हुए, इसके लिए फेडरेशन और शिक्षक संगठन के लोगों को बधाई दी है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने इसे फडरेशन की एकता का परिणाम बताते हुए प्रदेश के मुख्य मंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

राज्य सरकार से कर्मचारियों के हितों से जुड़े मामलों को फेडरेशन पूरी सजगता के साथ उठाता रहा है। कर्मचारियों के हितो के आगे भी इसी तरह का संघर्ष जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की मांग को लेकर 16 सिंतबर को सामूहिक हड़ताल की घोषणा के बाद  शिक्षा विभाग के अधिकारी सक्रिय हुए। उन्होंने फेडरेशन के अव्हान पर चर्चा के लिए शिक्षक संगठनों को आमंत्रित किया। बैठक में उठाए गए मुद्दों पर शिक्षा सचिव भी कोई जवाब नहीं दे पाए। फेडरेशन की अगुवाई में रखी गई बातों के बाद शाासन के  पास इसका कोई जवाब नहीं था।

संजय शर्मा ने कही ये बात

शिक्षक नेता संजय शर्मा ने कहा है कि युक्तियुक्तकरण पर अस्थायी रोक लगाए जाने की जानकारी मिली है। शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेसी से कल छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संयोजक व प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे, मनीष मिश्रा, विकास राजपूत ने चर्चा के दौरान जोर देकर कहा था कि पहले प्राचार्य, व्याख्याता, प्रधान पाठक ms व ps व शिक्षक के रिक्त सभी पदों पर हाई कोर्ट में केविएट लगाकर टाइम लिमिट कर पदोन्नति कीजिए, उन्हें रिक्त पदों पर पोस्टिंग दीजिए। विभाग द्वारा जारी 2008 के सेटअप को यथावत रखा जावे, उससे कम पद स्कूलों में कैसे दिया जा रहा है, इसमे छेड़छाड़ गलत है, साथ ही प्रत्येक विद्यालय का स्वतंत्र यू डाइस कोड हो, उनकी व्यवस्था अलग किया जा सकता है। वरिष्ठ शिक्षकों को अतिशेष न किया जावे, कामर्स, हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत जैसे विषय के लिए छात्र संख्या के आधार पर शिक्षक बढ़ाया जावे, आवश्यकतानुसार नए शिक्षकों की भर्ती किया जावे, शिक्षा व्यवस्था बनाने में हम सहयोग करेंगे। शिक्षक मोर्चा ने 9 सितम्बर को प्रदेश भर के विद्यालय बंद रखकर हड़ताल की सूचना दी थी, शिक्षा विभाग और सरकार के युक्तियुक्तकरण पर रोक लगाने का हम स्वागत करते है।

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