राजीव मितान क्लब के सदस्यों को बिजली मीटर की रीडिंग दिलाने की पहल

रायपुर(realtimes) राज्य में पहली बार किसी क्लब के सदस्याें काे राेजगार दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने पहल की है। इस समय प्रदेश में मीटर रीडिंग का काम अब ठेके पर न देकर बेरोजगार युवाओं को दिया जा रहा है। इस समय पांच हजार से ज्यादा युवा प्रदेश में इसका काम कर रहे हैं। अब प्रदेश सरकार के निर्देश पर इस काम में राजीव मितान क्लब के सदस्यों को भी प्राथमिकता के साथ रखने का आदेश दिया गया है। इस योजना में 15 दिनों तक रीडिंग का काम दिया जा रहा है। इसमें शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के लिए अल-अलग प्रति मीटर के हिसाब से पैसे तय किए गए हैं। एक माह में सात से साढ़े हजार रुपए मिलते हैं।
प्रदेश में अब तक बिजली मीटरों की रीडिंग का काम ठेके पर चलता रहा है। इसमें ठेकेदारों की मनमर्जी के चलते हमेशा से गड़बड़ियों की शिकायत मिलने के कारण पॉवर कंपनी ने इस साल से युवा बेरोजगारों को सीधे रोजगार देने के लिए उनसे काम कराना प्रारंभ किया है। जो युवा काम कर रहे हैं, उनके पास बस स्मार्ट फोन होना चाहिए। इसी के साथ उनको एक प्रिंटर की जरूरत होती है जिससे बिल प्रिंट हो सके।
पहली बार किसी क्लब को प्राथमिकता
इस समय प्रदेश में पांच हजार युवा काम कर रहे हैं। अब आगे जिन क्षेत्रों में ठेका समाप्त हो रहा है, वहां पर युवा बेरोजगार रखे जाने हैं। ऐसे में पॉवर कंपनी ने एक आदेश जारी किया है, जिसमें लिखा गया है अब जहां भी रीडिंग और बिल वितरण के काम में युवाओं को रखा जाएगा वहां पर राजीव मितान क्लब के सदस्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी एक क्लब को प्राथमिकता देने का काम किया जा रहा है। पत्र में इस बात का उल्लेख है कि राज्य सरकार के निर्देश पर यह आदेश दिया जा रहा है। आदेश सभी डिजीवन को भेजा गया है और सभी अधिकारियों से आगे अपने अधिकारियों से इस आदेश का पालन कराने कहा गया है।
साढ़े सात हजार तक मिलेंगे हर माह
रीडिंग के लिए एक शुल्क तय है। शहरों में रीडिंग करने वाले युवाओं को पांच रुपए एक मीटर रीडिंग के मिलते हैं। उनको 15 दिनों में 15 सौ मीटरों की रीडिंग करने का काम मिलता है। इसके साढ़े सात हजार मिलते हैं। इसी तरह से ग्रामीण क्षेत्र में एक मीटर रीडिंग के लिए छह रुपए तय हैं। गांवों में 15 दिनों में 12 सौ मीटरों की रीडिंग करनी है। गांवों के युवाओं को 72 सौ रुपए मिलते हैं। नक्सल क्षेत्र के लिए सात रुपए एक मीटर रीडिंग के तय हैं। इस क्षेत्र के युवाओं को 15 दिनों में हजार मीटरों की रीडिंग करनी है। इसके सात हजार मिलते हैं।



