जल संसाधन बिना चीफ इंजीनियर, सरकार क्यों नहीं कर पाई पोस्टिंग, क्या है चक्कर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के जल संसाधन विभाग में इस समय चीफ इंजीनियर का पद खाली है। इस पद पर सरकार किसी भी अधिकारी की पदस्थापना का आदेश जारी नहीं कर पाई है। यह पद इंद्रजीत उईके के सेवानिवृत्त होने के बाद खाली हुआ है। वे 30 जून को रिटायर हुए हैं।
ये हैं दावेदार
बताया गया है कि अब चीफ इंजीनियर के पद के दावेदारों में जेआर भगत शामिल हैं। वे मुख्य अभियंता के रूप में हसदेव कछार बिलासपुर में सेवाएं दे रहे हैं। उनके बाद दावेदारी में दीपक अभूमेहकर का नाम है। वे मुख्य अभियंता के रूप में मिनी माता हसदेव बांगो बिलासपुर में सेवाएं दे रहे हैं। खास बात ये ही जेआर भगत अगले साल जनवरी में रिटायर होने वाले हैं, वहीं दीपक इसी साल नवंबर में रिटायर होंगे। इस हिसाब से वे भगत से सीनियर है।
उईके को एक्सटेंशन की थी संभावना
सूत्रों के अनुसार सेवानिवृत्ति से पहले इंद्रजीत उईके को सेवावृद्धि मिलने की संभावना थी, लेकिन नहीं मिली। यहां तक तो ठीक है। लेकिन जब उईके 30 जून को रिटायर हो गए तो उनके स्थान पर नए अधिकारी की पोस्टिंग क्यों नहीं हो सकी। सूत्रों के अनुसार इस पद पर अपनी पसंद का अधिकारी बैठाने को लेकर सरकार से जुड़े दो खास एवं प्रभावशील लोगों में खींचतान है। इसके पीछे वजह कोई भी हो सकती है। पसंद-नापंसद या कुछ और। लेकिन फिलहाल जल संसाधन विभाग में चीफ इंजीनियर के पद पर कोई अधिकारी पदस्थ नहीं है। ये सारे सवाल जानकारों के बीच उठ रहे हैं।



