
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ फर्जी खबर फैलाने का आरोपी जी न्यूज चैनल के एंकर रोहित रंजन को अरेस्ट करने पहुंची छत्तीसगढ़ पुलिस को यूपी पुलिस ने रोका। छत्तीसगढ़ पुलिस का आरोप है कि, “गिरफ्तारी की प्रक्रिया हो रही थी … (जब) स्थानीय पुलिस ने आरोपी को अपने साथ ले गए और गिरफ्तारी की प्रक्रिया में बाधा डाली, हालांकि छत्तीसगढ़ पुलिस ने उन्हें वारंट की कॉपी दिखाई थी।’
इस मामले को लेकर कांग्रेस ने यूपी पुलिस पर और बीजेपी सरकार पर हमला बोला है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि, उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक आरोपी को बचाने के लिए चल रही जांच में जानबूझकर हस्तक्षेप किया है। उन्होंने गंभीर अपराधों के दोषी व्यक्ति को न्याय संगत जांच से बचाने के लिए बिना किसी कारण या स्पष्टीकरण के राज्य तंत्र को तैनात किया। उन्होंने सवाल किया कि, ऐसा क्या रहस्य है, जिसके इस जांच के माध्यम से उजागर होने के डर से उनके राजनीतिक आकाओं के हाथ-पैर फूल गए हैं?
उत्तर प्रदेश पुलिस की मनमानी कार्रवाई के संबंध में श्री @Jairam_Ramesh संसद सदस्य और महासचिव (संचार) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा जारी वक्तव्य:- pic.twitter.com/sgzPGQzrSy
— Congress (@INCIndia) July 5, 2022
कांग्रेस नेता ने कहा कि गिरफ्तारी वारंट साक्ष्य के आधार पर एक कोर्ट द्वारा जारी किया गया था। फिर पुलिस की कार्रवाई में क्यों बाधा डाला गया। उन्होंने कहा कि क्या बीजेपी यह दावा कर सकती है कि न्यायालयों का भी राजनीतिकरण हो गया है? जयराम रमेश ने आगे कहा कि अगर बीजेपी आरोपियों को बचाना ही चाहती है तो फिर अदालत का दरवाजा क्यों नहीं खटखटाती?
उन्होंने कहा कि ऐसा दूसरी बार है जब बीजेपी ने आदतन अपराधियों को वैध कानूनी जांच और विवेचना से बचाने के लिए पुलिस बल को तैनात किया है। कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘ये कौन सा गठजोड़ है जिसका पर्दाफाश होने से बीजेपी डर रही है? भाजपा क्यों नहीं चाहती कि फेक न्यूज और झूठी पत्रकारिता के ऐसे पैरोकारों की जिम्मेदारी निर्धारित की जाए, जो गंभीर नागरिक अशांति का कारण बन सकते हैं?’



