सरोज पांडेय को कोरबा लोकसभा सीट से लड़ाने के क्या है मायने…पढ़ें

कोरबा. बीजेपी ने छत्तीसगढ़ की सभी 11 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। कोरबा लोकसभा सीट से बीजेपी ने सुश्री सरोज पांडेय को अपना प्रत्याशी बनाया है। वे दुर्ग सीट से लोकसभा सांसद भी रह चुकी हैं। वे राज्यसभा सांसद भी रही हैं। वर्तमान में सरोज पांडेय पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव हैं। सरोज पांडेय ने 2008 में भिलाई की वैशाली नगर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा था। बीजेपी ने 2009 में उन्हें महापौर रहते हुए विधायक और दुर्ग सीट से लोकसभा उम्मीदवार के तौर पर खड़ा कर दिया। सांसद रहते ही पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय महिला मोर्चा का अध्यक्ष भी बनाया। भाजपा की तेजतर्रार नेत्री सरोज पांडेय तीसरी बार लोकसभा चुनाव लडऩे जा रही हैं। पूरे भारत में सरोज पांडेय ऐसी नेत्री हैं, जो एक साथ दुर्ग जिले से महापौर, विधायक और सांसद रहीं, यह राजनीतिक जगत में एक उदाहरण है। साल 2000 में पहली बार और 2005 में दूसरी बार दुर्ग की महापौर बनीं। 2008 में पहली बार वैशाली नगर से विधायक बनीं। 2009 के दुर्ग संसदीय सीट से सांसद बनीं। सरोज पांडेय 2013 में भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं। 2014 के लोकसभा चुनाव में वे कांग्रेस के ताम्रध्वज साहू से हार गईं। इसके बाद वे पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव रहीं। 2018 में पहली बार निर्वाचित राज्यसभा सदस्य बनीं। उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी लेखराम साहू को हराया था।
क्यों मिला टिकट?
सरोज पांडेय लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं। महापौर, विधायक, लोकसभा और राज्यसभा सांसद रहने का अनुभव। तेजतर्रार और साफ-सुथरी छवि। कद्दावर महिला नेत्री और संगठन में मजबूत पकड़। कोरबा सामान्य सीट है, जहां से सरोज पांडेय को टिकट दिया गया है। सुश्री सरोज पांडेय ओजस्वी प्रवक्ता भी हैं और पिछले चुनाव में वे स्टार प्रचारक के रूप में काम की थीं।
2019 लोकसभा चुनाव की स्थिति
कांग्रेस की ज्योत्सना चरणदास महंत को जीत मिली थी। बीजेपी के ज्योतिनंद दुबे को हार मिली थी। ज्योत्सना महंत को 5 लाख 23 हजार 410 और ज्योतिनंद दुबे को 4 लाख 97 हजार 61 वोट मिले थे। इस बार कोरबा से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में श्रीमती ज्योत्सना महंत फिर से चुनावी रण में उतर सकती हैं। श्रीमती महंत के मुकाबले में भाजपा ने प्रखर नेत्री सुश्री सरोज पांडेय को मैदान में उतारा है।



