
अकाली दल को सबसे पुराना क्षेत्रीय राजनीतिक दल माना जाता है, और इस साल हुए विधानसभा चुनावों में उसे करारी हार का सामना करना पड़ा था। 117 सदस्यों वाली विधानसभा में उसके सिर्फ तीन विधायक ही चुनाव जीत सके थे।
वरिष्ठ अकाली नेता की इस खुली बगावत से पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व पर सवालिया निशान लग गए हैं। सुखबीर बादल के अध्यक्ष रहते हुए ही अकाली दल में कई बिखराव हो चुके हैं।
हाल में हुए संगरूर लोकसभा उपचुनाव में भी अकाली दल उम्मीदवार बुरी तरह हारा था, जिससे स्पष्ट हो गया था कि पंजाब की सबसे पुरानी की राजनीतिक जमीन खिसक चुकी है।



