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मानसून सत्र में लोकसभा में 12 विधेयक हुए पारित: बिरला

  • राज्यसभा में केवल 38.8 प्रतिशत काम हुआ
  • मनी गेम पर प्रतिबंध से जुड़ा विधेयक संसद से पारित
  • संविधान संशोधन विधेयक राज्यसभा में पेश

नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि मानसून सत्र में 14 विधेयक पुरःस्थापित किए गए तथा कुल 12 विधेयक पारित किए गए।  बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने से पहले गुरुवार को अपने वक्तव्य में कहा कि इस सत्र में 14 सरकारी विधेयक पुरःस्थापित किए गए तथा कुल 12 विधेयक पारित किए गए। गत 28 और 29 जुलाई को ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा हुई, जिसका समापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तर के साथ हुआ। 18 अगस्त को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की उपलब्धियों पर विशेष चर्चा आरंभ की गयी। 

उन्होंने कहा कि इस सत्र में कार्यसूची में 419 तारांकित प्रश्न शामिल किए गए थे, किंतु लगातार नियोजित व्यवधान के कारण केवल 55 प्रश्न ही मौखिक उत्तर हेतु लिए जा सके। हम सभी ने सत्र के प्रारंभ में तय किया था कि हम इस सत्र में 120 घंटे चर्चा और संवाद करेंगे। कार्य मंत्रणा समिति में भी इस पर सहमति थी लेकिन लगातार गतिरोध और नियोजित व्यवधान के कारण हम मुश्किल से 37 घंटे ही इस सत्र में काम कर पाए। 

बिरला ने कहा कि सहमति और असहमति होना लोकतंत्र की स्वाभाविक प्रक्रिया है, किंतु हमारा सामूहिक प्रयास होना चाहिए कि सदन गरिमा, मर्यादा और शालीनता के साथ चले। हमें विचार करना होगा कि हम देश के नागरिकों को देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था के माध्यम से क्या संदेश दे रहे हैं। मुझे विश्वास है कि इस विषय पर सभी राजनीतिक दल और सदस्य गंभीर विचार और आत्म-मंथन करेंगे।

उन्होंने कहा, मैं इस सत्र की कार्यवाही में सहयोग हेतु प्रधानमंत्री, सभापति तालिका पर विराजमान सहयोगियों, केंद्रीय मंत्री गणों, नेता प्रतिपक्ष, विभिन्न दलों के नेताओं, सदस्यों, प्रेस और मीडिया के प्रतिनिधियों, लोकसभा सचिवालय तथा सम्बद्ध एजेंसियों का हार्दिक धन्यवाद करता हूँ। दूसरी तरफ  राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी और एक महीने तक चले सत्र के दौरान हंगामे के कारण ज्यादातर समय कार्यवाही बाधित रही तथा केवल 38.88 प्रतिशत कामकाज हो सका। इसके साथ ही 21 अगस्त को शुरू हुआ संसद का मानसून सत्र संपन्न हो गया। 

उप सभापति हरिवंश ने कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने से पहले अपने समापन वक्तव्य में सदस्यों की टोका-टोकी के बीच कहा कि 268 वें सत्र के दौरान सदस्यों के हंगामे के कारण कुल मिलाकर सदन केवल 41 घंटे 15 मिनट ही चला। उन्होंने कहा कि इस सत्र में केवल 38.88 प्रतिशत कामकाज हुआ जो निराशाजनक है और इस पर गंभीर आत्मनिरीक्षण किये जाने की जरूरत है। 

सत्र के दौरान सदस्यों को 285 प्रश्न, 285 शून्यकाल विषय और 285 विशेष उल्लेख उठाने का अवसर था लेकिन केवल 14 प्रश्न, 7 शून्यकाल विषय और 61 विशेष उल्लेख ही वास्तव में लिए जा सके जो सदन की पूरी क्षमता से कार्य करने की क्षमता का एक अंश मात्र हैं। राज्यसभा ने शुक्रवार को बिना चर्चा के आॅनलाइन गेमिंग से जुड़े विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। ऑनलाइन खेल संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 को लोकसभा ने गुरुवार को ही पारित कर दियाा था। इसके साथ ही अब इसे संसद की मंजूरी मिल गई। विधेयक जहां एक तरफ ई-स्पोर्ट्स, सोशल गेम्स को बढ़ावा देता है वहीं सट्टेबाजी और जुए जैसे मनी गेम को प्रतिबंधित करता है।

गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को गंभीर आपराधिक मामलों में 30 से अधिक दिन की हिरासत में रहने पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को पद से हटाये जाने से जुड़े संविधान के 130वें संशोधन विधेयक सहित तीन विधेयकों को राज्यसभा में पेश किया।अमित शाह ने कल इन्हें पहले लोकसभा में पेश किया था और आज राज्यसभा में पेश किया। विधेयकों को आगे विचार के लिए संसद की संयुक्त समिति को भेजे जाने का प्रस्ताव भी शाह ने रखा। सदन ने इसे मंजूरी प्रदान कर दी। संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में लोकसभा से 21 और राज्यसभा से 10 सदस्य होंगे। समिति अगले सत्र के प्रथम सप्ताह के अंतिम दिन तक सदन को रिपोर्ट देगी।

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