महंगी बिजली का बड़ा झटका, जून के बिल में लगेगा 53 से 80 पैसे प्रति यूनिट का फटका

रायपुर(realtimes) केंद्र सरकार का बिजली के लिए तय किया गया नया फार्मूला अब उपभोक्ताओं के लिए आफत बनते जा रहा है। हर माह बिजली की कीमत तय होने के कारण इस बार जून की बिजली में महंगाई का बड़ा झटका लगा है। प्रदेश भर के 61 लाख से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं को मई की बिजली 53 पैसे से लेकर 80 पैसे तक प्रति यूनिट महंगी पड़ेगी। छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी ने एफपीपीएएस के नए फार्मूले में जून माह के लिए 14.23 फीसदी शुल्क तय किया है। ऐसा होने से अब अगस्त में जो जुलाई का बिल आएगा उसमें जून की महंगी बिजली का शुल्क वसूला जाएगा। एफपीपीएएस का नया फार्मूला अप्रैल से लागू किया गया है। पहले माह 5.3 प्रतिशत शुल्क लगा था, लेकिन दूसरे माह में शुल्क डबल हो गया है और अब तीसरे माह में और ज्यादा बढ़ गया है।
प्रदेश में अब तक बिजली उपभोक्ताओं से वीसीए के रूप में बिजली की कीमत बढ़ने से अंतर की राशि वसूली जाती थी, लेकिन इसको केंद्र सरकार ने नए सत्र अप्रैल से बंद कर दिया है। इसके स्थान पर केंद्रीय सरकार के निर्देश पर छत्तीसगढ़ राज्य बिजली नियामक आयोग ने अब उत्पादन लागत के अंतर की राशि को उपभोक्ताओं से वसूलने के लिए नया फार्मूला फ्यूल पाॅवर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) लागू कर दिया है।
ऐसा है नया फार्मूला
नए फार्मूले के हिसाब से ऊर्जा प्रभार में प्रतिशत के हिसाब से शुल्क लिया जाएगा। ऐसे में तीसरे जून के लिए जो शुल्क तय किया गया है, वह 15 फीसदी से ज्यादा है, लेकिन पांच फीसदी से ज्यादा शुल्क होने पर 95 फीसदी शुल्क ही लेने का प्रावधान तय किया गया है। ऐसे में इस माह में 14.23 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा। यह शुल्क जहां वीसीए से कम होगा, वहीं अलग-अलग खपत पर भी अलग-अलग होगा। घरेलू उपभोक्ताओं को चार सौ यूनिट तक एफपीपीएएस के शुल्क में वीसीए की तरह ही लाभ मिलेगा और आधे पैसे लगेंगे।
कितनी खपत पर कितना पैसा पड़ेगा देना
नए फार्मूले में पहले सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 370 रुपए है, तो इस पर 14.23 फीसदी के हिसाब से 53 रुपए लगेंगे, यानी प्रति यूनिट पर 53 पैसे। दो सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 760 रुपए होता है। इस पर 108 रुपए रुपए लगेंगे यानी 54 पैसे प्रति यूनिट पर लगेंगे। तीन सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 1290 रुपए है। इस पर 183 रुपए लगेंगे यानी करीब 61 पैसे प्रति यूनिट। चार सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 1720 रुपए है, इस पर 244 रुपए लगेंगे। इसमें भी 61 पैसे यूनिट लगेंगे। छह सौ यूनिट की खपत का ऊर्जा प्रभार 2980 रुपए होता है। इस पर 424 रुपए लगेंगे। इतनी खपत पर 70 पैसे प्रति यूनिट लगेंगे। छह सौ यूनिट से ज्यादा की खपत पर यानी सात सौ यूनिट पर ऊर्जा प्रभार 3710 रुपए होता है। इस पर 528 रुपए लगेंगे। यानी 75 पैसे प्रति यूनिट। 800 यूनिट खपत का ऊर्जा प्रभार 45 सौ रुपए होता है। इस पर 640 रुपए लगेंगे यानी 80 पैसे प्रति यूनिट। इससे ज्यादा खपत पर और ज्यादा पैसे लगेंगे।



