बिलासपुर: महादेव एप और डीएमएफ घोटाले में ईडी की छापेमारी

बिलासपुर: मंगलवार को, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बिलासपुर में दो अलग-अलग मामलों में छापेमारी की। पहली छापेमारी अयोध्या नगर में टायर व्यवसायी दुलानी परिवार के तीन मकानों पर हुई। यह छापेमारी महादेव सट्टा एप से जुड़ी हुई है, जो एक अवैध ऑनलाइन सट्टा ऐप है। दूसरी छापेमारी उसलापुर में जनपद पंचायत के सीईओ राधेश्याम मिर्झा के तीन मंजिला मकान पर हुई। यह छापेमारी कोरबा जिले के डीएमएफ फंड में हुई गड़बड़ी की जांच के सिलसिले में की गई थी।
दुलानी परिवार के घरों पर छापेमारी:
ईडी की टीम मंगलवार सुबह दुलानी परिवार के तीन मकानों पर पहुंची। इन मकानों में बीते वर्षों में किये गए ट्रांजेक्शन, अचल संपत्ति व घर में मिले दस्तावेजों की ईडी ने जांच की। कुछ दस्तावेज भी वे अपने साथ ले गए हैं। हालांकि इस छापे से क्या हासिल हुआ है, इसकी जानकारी नहीं मिली है। दुलानी परिवार के कई व्यवसाय हैं। शहर में उनकी टायरों की एक होलसेल दुकान भी है।
महादेव सट्टा एप:
महादेव सट्टा एप एक अवैध ऑनलाइन सट्टा ऐप है जो पिछले कुछ समय से बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में लोकप्रिय हो गया है। इस ऐप के जरिए लोग क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों पर सट्टा लगाते हैं। ईडी को शक है कि दुलानी परिवार इस ऐप से जुड़ा हुआ है और उन्होंने इस ऐप से अर्जित धन को अपनी संपत्ति में निवेश किया है।
डीएमएफ घोटाला:
डीएमएफ (जिला खनिज निधि) फंड, खनन से प्राप्त राजस्व का एक हिस्सा है जो खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए उपयोग किया जाता है। ईडी को जानकारी मिली थी कि कोरबा जिले में डीएमएफ फंड में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। इसी मामले में ईडी ने सीईओ राधेश्याम मिर्झा के घर पर छापेमारी की।
अधिकारिक जानकारी:
ईडी ने अभी तक इन दोनों छापेमारियों के बारे में कोई अधिकारिक जानकारी नहीं दी है। यह संभावना है कि ईडी इन मामलों में आगे की जांच करेगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।



