पीक सीजन में मौसम की ऐसी मार, कूलर का 60, एसी-फ्रिज का 25-25 फीसदी चौपट हुआ कारोबार - realtimes
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पीक सीजन में मौसम की ऐसी मार, कूलर का 60, एसी-फ्रिज का 25-25 फीसदी चौपट हुआ कारोबार

रायपुर(realtimes) देश भर के साथ छत्तीसगढ़ में भी इस बार अब तक तेज गर्मी नहीं पड़ी है। गर्मी के सीजन में एसी, कूलर और फ्रिज का जमकर कारोबार होता है। प्रदेश में सीजन में करीब छह सौ करोड़ का कारोबार हो जाता है। लेकिन इस बार ठीक पीक सीजन में मौसम की ऐसी मार पड़ी है कि कूलर का 60 और एसी-फ्रिज का 25-25 फीसदी तक का कारोबार चौपट हो गया है। अब तो मुश्किल से एक माह की गर्मी बची होने के कारण लोग खरीदारी करने से कतरा रहे हैं। इस बार सीजन में होने वाला कारोबार बमुश्किल आधा हो पाएगा।
प्रदेश के कारोबारियों को इस बार गर्मी के सीजन में अच्छे कारोबार की संभावना थी। पिछला सीजन कोरोना काल के बाद काफी अच्छा गया था। पिछले साल तो कूलरों की बॉडी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा था। इस बार कारोबारियों ने अच्छे कारोबार की संभावना के हिसाब से दिसंबर और जनवरी में ही भरपूर स्टॉक मंगा लिया था। लेकिन एक तो गर्मी देर से प्रारंभ हुई जिसके कारण बाजार की रफ्तार सुस्त रही, इसके बाद मौसम की मार पड़ गई।
अप्रैल-मई का काराेबार चाैपट
कारोबारियों के मुताबिक एसी, कूलर, फ्रिज की बिक्री के लिए अप्रैल और मई का माह ही पीक रहता है। लेकिन इस बार ठीक अप्रैल में मौसम बदला और लगातार बारिश हुई। इसके बाद मई के पहले सप्ताह में भी बारिश के कारण मौसम ठंडा हो गया। इसका असर यह हुआ कि सीजन के पीक में ही कारोबार चौपट हो गया। अप्रैल और मई के माह में सबसे ज्यादा बिक्री होती है। कारोबारी मंशा मेघानी के मुताबिक पीक सीजन में एसी और फ्रिज का 25-25 फीसदी कारोबार प्रभावित हुआ है। कूलर के थोक कारोबारी कमल ग्वालानी के मुताबिक चिल्हर कारोबारी खरीदारी करने ही नहीं आ रहे हैं। जो माल पहले ले गए, उनका वही माल नहीं बिक पाया है। कूलर का इस बार 60 फीसदी ढाई सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित
गर्मी के सीजन में प्रदेश में करीब छह सौ करोड़ का कारोबार होता है। सीजन में करीब 70 हजार एसी बिक जाते है। 25 हजार से लेकर एक से डेढ़ लाख तक के एसी आते हैं। इससे ज्यादा महंगे एसी भी मिलते हैं। कुल मिलाकर इसका तीन सौ करोड़ का कारोबार हो जाता है। सीजन में सबसे ज्यादा करीब चार लाख कूलर बिकते हैं। लोकल कूलर की कीमत चार से छह हजार और ब्रांडेड कंपनियों के कूलर 8 से 12 हजार तक मिलते हैं। इसका कारोबार करीब दो सौ करोड़ का होता है। सौ करोड़ का कारोबार फ्रिज का हो जाता है। लेकिन इस बार कूलर का कारोबार ही करीब सवा सौ करोड़ का प्रभावित हो गया है। इसी के साथ एसी का कारोबार भी करीब सौ करोड़ का प्रभावित हुआ है। फ्रिज का कारोबार 25 से 30 करोड़ का प्रभावित हुआ है। यानी छह सौ करोड़ में दो से ढाई सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित हो गया है।

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