जियो 100 रुपये में लाया 90 दिन की वैलिडिटी वाला प्लान सबकी बजाई बैंड

जियो :पिछले दिनों ट्राई (TRAI) की नई रिपोर्ट में जियो ने सबसे ज्यादा नए यूजर्स जोड़े हैं। टेलीकॉम कंपनी के पोर्टफोलियो में कई ऐसे रिचार्ज प्लान हैं, जो अन्य सर्विस प्रोवाइडर्स के मुकाबले सस्ते हैं। कंपनी 100 रुपये में 90 दिन की वैलिडिटी वाला प्लान भी ऑफर कर रही है। इसके अलावा यूजर्स महज 51 रुपये खर्च करके अनलिमिटेड 5G डेटा का भी लाभ ले सकते हैं। साल की शुरुआत में कंपनी ने 200 दिनों की वैलिडिटी वाला प्लान भी पेश किया था, जिसमें यूजर्स को अनलिमिटेड कॉलिंग, डेटा समेत कई OTT बेनिफिट्स मिलते हैं। जियो ने कुछ समय पहले JioHotstar सब्सक्रिप्शन वाले कई प्लान भी पेश किए हैं।
जियो का 100 रुपये वाला प्लान
रिलायंस जियो ने अपने इस सस्ते रिचार्ज प्लान को JioHotstar डेटा पैक के तौर पर पेश किया है। इस प्लान में यूजर्स को 90 दिन की वैलिडिटी ऑफर की जाती है। जैसा कि प्लान का नाम है, इसमें यूजर्स को 3 महीने के लिए JioHotstar का फ्री सब्सक्रिप्शन मिलता है। इसके अलावा यह प्लान 5GB हाई स्पीड डेटा के साथ आता है। हालांकि, इस प्लान में यूजर्स को कॉलिंग बेनिफिट्स नहीं मिलता है। यूजर्स इस रिचार्ज प्लान को किसी भी रेगुलर प्लान के साथ क्लब कर सकते हैं।
जियो 100 रुपये वाला रिचार्ज प्लान
अगर, यूजर किसी मंथली या 28 दिन वाले रिचार्ज प्लान के साथ इसे क्लब करते हैं तो वैलिडिटी खत्म होने से 48 घंटे पहले उन्हें अगला मंथली पैक लेना होगा। इसके बाद ही वो 90 दिनों तक लगातार JioHotstar का बेनिफिट्स ले सकेंगे। ईयरली या 84 दिन वाले प्लान के साथ इसे क्लब कराने पर यूजर्स को जियो हॉटस्टार का बेनिफिट पूरे 90 दिनों तक बिना किसी रुकावट के मिलता रहेगा।
Jio के अन्य डेटा ओनली पैक्स
जियो अपने यूजर्स को 51 रुपये, 101 रुपये और 151 रुपये में डेटा ओनली पैक ऑफर करता है। इन तीनों प्लान्स की खास बात यह है कि इसमें यूजर्स को अनलिमिटेड 5G डेटा ऑफर किया जाता है। इन तीनों रिचार्ज प्लान को यूजर्स अपने डेली 1.5GB डेटा बेनिफिट्स वाले किसी रेगुलर प्लान के साथ क्लब कर सकते हैं। 51 रुपये वाले प्लान में 1 महीने के लिए, 101 रुपये वाले प्लान में 2 महीने के लिए और 151 रुपये वाले प्लान में 3 महीने के लिए अनलिमिटेड 5G डेटा ऑफर किया जाता है। इन तीनों प्लान्स के साथ क्रमशः 3GB, 6GB और 9GB हाई स्पीड 4G डेटा भी ऑफर किया जाता है।
कानूनी चुनौतियों के बीच कई बदलाव
इस आदेश को अक्सर “मुस्लिम प्रतिबंध” या “यात्रा प्रतिबंध” के रूप में जाना जाता है। इस बैन को लेकर ट्रंप के सामने काफी कानूनी चुनौतियां थीं। ऐसे में इस पर लगातार बदलाव होते रहे। 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने कई बदलावों के बाद इसे मंजूरी दे दी थी। इस बैन ने ईरान, सोमालिया, यमन, सीरिया और लीबिया के यात्रियों और अप्रवासियों की विभिन्न श्रेणियों को प्रभावित किया, साथ ही उत्तर कोरियाई और कुछ वेनेजुएला के सरकारी अधिकारियों और उनके परिवारों को भी इससे परेशानी हुई। ट्रंप और अन्य लोगों ने राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर बैन का बचाव किया है, उनका तर्क है कि इसका उद्देश्य देश की रक्षा करना था और यह मुस्लिम विरोधी पूर्वाग्रह पर आधारित नहीं था। हालांकि, राष्ट्रपति ने व्हाइट हाउस के लिए अपने पहले अभियान के दौरान मुसलमानों पर स्पष्ट प्रतिबंध लगाने की बात कही थी।



