
उत्तर प्रदेश से पहले 2020 के आखिर में बिहार विधानसभा का चुनाव हुआ। मुख्य रूप से चुनावी मैदान में आरजेडी, जेडीयू, बीजेपी और कांग्रेस पार्टियां थीं। इनमें आरजेडी और कांग्रेस साथ थे, तो बीजेपी और जेडीयू का गठबंधन था। जेडीयू को छोड़कर बीजेपी समेत सभी दलों ने नौकरी, पेंशन, कर्ज माफी, बेरोजगारी भत्ता जैसे वादे किए थे। नतीजे आए तो कुल 243 सीटों में से आरजेडी 76 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि बीजेपी 75 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही। जेडीयू को 45 सीटें मिलीं। बीजेपी औऱ जेडीयू ने मिलकर सरकार बनाई थी। हालांकि हाल में नीतीश कुमार ने बीजेपी का साथ छोड़कर आरजेडी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बना ली।
इससे पहले पिछले साल पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हुआ। यहां ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने किसानों को सालाना 10 हजार रुपए देने, एससी-एसटी महिलाओं को सालाना 12 हजार रुपए और ओबीसी महिलाओं को सालाना 6 हजार रुपए देने का वादा किया था। वहीं बीजेपी ने मछुआरों को सालाना 6 हजार रुपए देने और महिलाओं को 33% आरक्षण और विधवा पेंशन 3 हजार रुपए करने का वादा किया था। नतीजे आए, तो राज्य की 294 सीटों में से टीएमसी ने 215 पर जीत हासिल की। वहीं, बीजेपी को 77 सीटें हासिल हुईं।



