छत्तीसगढ़ भाजपा के संगठन में अब आरएसएस की पृष्ठभूमि वाले ज्यादा पदाधिकारी रखने की कवायद

रायपुर. छत्तीसगढ़ के भाजपा संगठन में अब आरएसएस की पृष्ठभूमि वाले ज्यादा पदाधिकारी रखने की कवायद प्रारंभ हाे गई है। दरअसल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक तरह से अपना पूरा संगठन ही झोंक दिया था। भाजपा को मिली बड़ी जीत में प्रदेशाध्यक्ष अरुण साव के साथ तीन महामंत्री और दो उपाध्यक्ष भी चुनाव जीत गए हैं। अब प्रदेश संगठन में आने वाले समय में बड़ा बदलाव होगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तरफ से अब अध्यक्ष के अलावा अन्य भी ज्यादा से ज्यादा पदाधिकारी आरएसएस की पृष्ठभूमि वाले रखे जाने की मांग हो रही है।
छत्तीसगढ़ के चुनाव के लिए इस बार भाजपा का राष्ट्रीय संगठन बहुत ज्यादा ही गंभीर रहा। यही वजह है कि यहां पर चुनाव की कमान संभालने का काम खुद केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने किया। उनके चुनाव की कमान संभालने के बाद यहां पर बड़े चौंकाने वाले फैसले हुए। इसके पीछे का कारण यह रहा कि भाजपा काेई भी गलती किए बिना इस बार चुनाव जीतना चाहती थी और वह चुनाव जीत भी गई। चुनाव में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और बिलासपुर के सांसद अरुण साव काे लोरमी से टिकट दिया गया और वे वहां से भारी मतों से जीते। इसके पहले पिछले चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक बिल्हा से चुनाव लड़कर जीते थे। हालांकि तब वे विधायक थे, ऐसे में उनका टिकट पक्का था, लेकिन वे विधायक के साथ प्रदेशाध्यक्ष रहते हुए चुनाव लड़े जिस तरह से अब अरुण साल सांसद रहते हुए चुनाव लड़े हैं।
तीनों महामंत्री जीते
भाजपा के राष्ट्रीय संगठन ने प्रदेशाध्यक्ष अरुण साव के साथ तीनों महामंत्री केदार कश्यप काे नारायणपुर, विजय शर्मा को कवर्धा और ओपी चौधरी को रायगढ़ से चुनाव लड़ाने का काम किया और तीनों ही महामंत्री जीत भी गए। ऐसा पहली बार हुआ जब संगठन के तीनों महामंत्री चुनाव लड़े। इसी के साथ प्रदेश मंत्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव काे कोटा से मैदान में उतारा गया लेकिन वे चुनाव हार गए। इसके अलावा चार उपाध्यक्षों सरला काेसरिया को सरायपाली, उधेश्वरी पैकरा काे सामरी लखन देवांगन को कोरबा और मोतीलाल साहू को रायपुर ग्रामीण से चुनाव लड़ाया गया। इसमें से लखन देवांगन, मोतीलाल साहू और उधेश्वरी पैकरा जीते हैं और एक महिला उपाध्यक्ष चुनाव हार गई हैं। शिवरतन शर्मा भाटापारा के विधायक होने के साथ उपाध्यक्ष भी थे, लेकिन वे चुनाव हार गए। रायपुर ग्रामीण के अध्यक्ष टंकराम वर्मा को बलौदाबाजार से चुनाव लड़ाया गया, वे जीत गए।
नए पदाधिकारियों की तलाश
भाजपा के चुनाव जीतने के बाद अब नए पदाधिकारियों की तलाश अभी से प्रारंभ हो गई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोग चाहते हैं कि अरुण साव की तरह नया अध्यक्ष भी आरएसएस की पृष्ठभूमि वाला हो। इसी के साथ यह भी कहा जा रहा है कि अब महामंत्री और उपाध्यक्ष के पदों पर आरएसएस से जुड़े लोगों को अहमियत दी जाए। इसके अलावा जिला अध्यक्षों के पदों पर भी आरएसएस के लोग अपने से जुड़े लोगों को पदों पर काबिज होते देखना चाहते हैं।



