खास खबर:अडानी का पावर कंपनी काे फिर झटका, स्मार्ट मीटर का एक टेंडर अटका

रायपुर(realtimes) स्मार्ट मीटर योजना से अडानी की कंपनी एक बार के टेंडर में पूरी तरह से बाहर हाे चुकी है, लेकिन एक टेंडर फिर से किए जाने के बाद आकर मामला फिर से अडानी पर अटक गया है। अपने राज्य में स्मार्ट मीटर योजना चार हजार करोड़ के टेंडर में अडानी ग्रुप से तीन हिस्सों में किए गए टेंडर में सभी में अपनी निविदा भरी थी। इसका पिछले माह रेट बीड खुला तो अडानी कंपनी तीन ग्रुप से आउट हो गई। रायपुर संभाग में काम जहां टाटा को मिला है, वहीं बिलासपुर-अंबिकापुर संभाग में जीनस कंपनी को काम दिया गया है। दुर्ग-बस्तर संभाग के साथ राजनांदगांव को मिलाकर जो एक ग्रुप बनाया गया था, उसमें एक मात्र कंपनी अडानी के पात्र होने के कारण नियम से एक कंपनी होने के कारण टेंडर को रद्द करके री-टेंडर किया गया। इस बार भी तय तिथि तक अकेले अडानी की निविदा होने के कारण इसकी तिथि को 25 मई तक बढ़ाई गई है।केंद्र सरकार ने सभी राज्यों में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना बनाई है। इसके लिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण को नियम बनाने का काम सौंपा गया है। प्राधिकरण ने तय किया है कि हर वर्ग के उपभोक्ताओं के मीटर बदले जाएंगे और सारे मीटर पोस्टपेड से बदल कर प्रीपेड हो जाएंगे। ऐसे में राज्य के 20 लाख बीपीएल वर्ग के उपभोक्ताओं के भी मीटर बदले जाएंगे, जबकि इसकी खपत सौ यूनिट से ज्यादा नहीं होती है। प्रदेश सरकार ने इनके मीटर न बदलने का आग्रह केंद्र सरकार से किया था, लेकिन इसको नहीं माना गया।
टाटा को 16 सौ करोड़ का काम
पावर कंपनी ने चार हजार करोड़ का काम होने के कारण तीन हिस्सों में टेंडर किया था। रायपुर संभाग बड़ा होने के कारण उसको अलग संभाग रखा गया और इसका टेंडर 16 सौ करोड़ का किया गया। इसका काम टाटा को मिल गया है। इसके बाद दुर्ग संभाग के साथ बस्तर संभाग और पॉवर कंपनी के राजनांदगांव संभाग को मिलाया गया। इसका टेंडर भी 16 सौ करोड़ का किया गया था। इसमें रेट बीड में एकमात्र अडानी के होने के कारण इसका टेंडर रद्द कर दिया गया। इसका री-टेंडर किया गया, लेकिन इस बार भी इसमें अडानी के अलावा किसी दूसरी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई है। तय तिथि दस मई तक महज अडानी की ही निविदा होने के कारण अब इसकी तिथि बढ़ा दी गई है। तय तिथि तक भी और कोई कंपनी नहीं आएगी तो एक बार फिर से तिथि बढ़ेगी।
सरकारी विभागों में पहले लगेंगे
रायपुर के साथ बिलासपुर और अंबिकापुर संभाग का टेंडर फाइनल होने के बाद अब सबसे पहले स्मार्ट मीटर सरकारी विभागों के साथ बड़े व्यापारिक संस्थानों और फिर छोटे व्यापारिक संस्थानों में लगेंगे। इसके बाद घरेलू उपभोक्ताओं का नंबर आएगा। योजना से एक तो एचटी वर्ग के उद्योगों और कृषि पंपों को अलग रखा गया है। एचटी वर्ग में स्मार्ट मीटर लगने से कनेक्शन को कट करना संभव नहीं होगा, इसलिए इनको अलग रखा गया है। योजना में सभी मीटर प्रीपेड ही होंगे।



