खास खबर: चुनाव की प्रचार सामग्री पर महंगाई की मार, अब खर्च पर पड़ेगा ज्यादा भार

रायपुर(realtimes) अपने देश में कोई भी चुनाव लड़ना अब आसान नहीं रह गया है। खर्च के मामले में भारी खर्च करना पड़ता है। ऐसे में जबकि अपने राज्य में इस साल विधानसभा के चुनाव होने हैं ताे इस बार पिछले चुनाव के मुकाबले में प्रचार सामग्री पर महंगाई की भारी मार पड़ी है। ऐसा होने से अब इस बार प्रत्याशियों को पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।
इस बार कम कीमत वाली टोपी पांच से जहां सात रुपए हो गई है, वहीं 15 रुपए अच्छी टोपी इस बार 20 रुपए हो गई है। इसी के साथ हर तरह की प्रचार सामग्री पर भी महंगाई की मार पड़ी है। जहां झंडा, बैनर, पोस्टर, टी-शर्ट, थैले की कीमत में 25 फीसदी तक का इजाफा हो गया है, वहीं फ्लेक्स की कीमत भी 300 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। झंडे का जहां साइज कम हो गया है, वहीं बड़े झंडे की कीमत 150 रुपए से सीधे 200 रुपए हो गई है।
अपने प्रदेश में इस साल विधानसभा का चुनाव होना है। इसके लिए जहां भाजपा और कांग्रेस के लिए कुछ चुनाव सामग्री राष्ट्रीय नेतृत्व से आती है, वहीं प्रत्याशियों को प्रदेश संगठन से ज्यादातर चुनाव सामग्री उपलब्ध करवाता है। प्रत्याशियों को खुद प्रचार सामग्री बनवानी पड़ती है। प्रचार सामग्री जहां अपने राज्य में भी बनती है, वहीं बाहर के राज्यों खासकर गुजरात, महाराष्ट्र, हैदराबाद, दिल्ली से भी प्रचार सामग्री बनवाकर महंगाई जाती है।
साइज हो गया छोटा
महंगाई की वजह से झंडों की कीमत में इजाफा न करके उसकी साइज को छोटा भी करने का काम किया गया है। 20 बाई 30 का झंडा पहले 6 से 7 रुपए का आता था, इसकी कीमत अब साढ़े सात से 9 रुपए हो गई है। वहीं पुरानी कीमत पर साइज को कम करके 20 बाई 27 कर दिया गया है। इसी तरह से 28 बाई 42 का झंडा 13 रुपए का आता था, इसकी कीमत 16 रुपए हो गई है, पुरानी कीमत पर साइज को 26 बाई 42 कर दिया गया है। 40 बाई 60 का झंडा 70 रुपए के स्थान पर 90 रुपए हो गया है। पुरानी कीमत पर साइज काे कम करके 40 बाई 56 कर दिया गया है। 60 बाई 90 का झंडा 150 से 200 रुपए हो गया है।
टोपी पहनाना अब महंगा
टोपी की कीमत में भी भारी इजाफा हाे गया है। जो हल्की टोपी पहले 3 रुपए में मिलती थी, वह अब चार रुपए हो गई है। इसी तरह से 5 रुपए वाली टोपी सात रुपए, अच्छी वाली टोपी 15 के स्थान पर 20 रुपए हो गई है। आमतौर पर मतदाताओं को बांटने के लिए कम कीमत वाली टोपी और कार्यकर्ताओं के लिए कुछ अच्छी क्वालिटी की टोपी बनवाई जाती है। टी-शर्ट पहले 80 से 90 रुपए में मिलती थी, वह अब 100 से 120 रुपए हो गई है। इसकी क्वालिटी को कम करने पर पुरानी कीमत पर भी मिल जाएगी। 15 बाई 16 का थैला जो पहले 15 रुपए मिल जाता था, वह अब 20 रुपए का हो गया है।
पम्पलेट में 8 हजार का इजाफा
एक बाई आठ वाला पम्पलेट जो पहले 32 हजार रुपए में एक लाख छप जाता था, वह अब आठ हजार इजाफा होने से 45 हजार रुपए का एक लाख पड़ रहा है। अलग-अलग साइज के पम्पलेट की कीमत में 25 से 30 फीसदी का इजाफा हुआ है। पोस्टर की कीमत में भी इजाफा हुआ है। फ्लैक्स पहले छह रुपए फीट के हिसाब से बनता था, वह अब साढ़े सात से आठ रुपए फीट में बन रहा है।
कीमत में 25 से 30 फीसदी की इजाफा
प्रचार प्रसार सामग्री के थोक विक्रेता रायपुर के महेंद्र कोचर का कहना है सभी तरह की प्रचार सामग्री की कीमत में 25 से 30 फीसदी की इजाफा हो गया है।
भाजपा संगठन देता है बनाकर
भाजपा प्रचार-प्रसार समिति के सह संयोजक छगन मूंदड़ा, बताते हैं प्रत्याशियों को प्रचार-प्रसार सामग्री बनाकर प्रदेश संगठन देता है। राष्ट्रीय संगठन से काफी कम सामग्री आती है। कीमत में इजाफा तो हुआ है।
महंगाई की मार तो पड़ी है
छत्तीसगढ़ कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला कहते हैं आज महंगाई बेलगाम हो गई है। देश में हर चीज की कीमत बढ़ रही है, चुनाव की प्रचार-प्रसार सामग्री की कीमत में भी इजाफा हुआ है।



